BSE के शानदार नतीजों की घोषणा के बाद शेयर में यह तेजी आई है। कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 61% का बड़ा उछाल दर्ज किया है। यह प्रॉफिट बढ़कर ₹795.47 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹493.67 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू भी दोगुना से अधिक होकर ₹1,630 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹926.38 करोड़ था। इस दमदार परफॉर्मेंस के साथ BSE ने पूरे FY26 के लिए भी रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें रेवेन्यू 59% बढ़कर ₹5,148 करोड़ हो गया और नेट प्रॉफिट 88% की जोरदार छलांग लगाकर ₹2,487 करोड़ पर पहुंच गया।
ग्रोथ के पीछे की कहानी
इस ग्रोथ को बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका कंपनी के इक्विटी डेरिवेटिव्स (equity derivatives) सेगमेंट की रही। FY26 में इसका रेवेन्यू दोगुना से ज्यादा होकर ₹3,134 करोड़ दर्ज किया गया। यह तब संभव हुआ जब एवरेज डेली प्रीमियम टर्नओवर ₹8,977 करोड़ से बढ़कर ₹19,522 करोड़ हो गया। यह दिखाता है कि BSE अब सिर्फ ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तक सीमित न रहकर अपने बिजनेस मॉडल का विस्तार कर रही है।
एनालिस्ट्स की राय (Analyst Radar)
Deepak Jasani जैसे मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत नतीजे और बढ़ते कैश वॉल्यूम को देखते हुए यह सकारात्मक ट्रेंड आगे भी जारी रह सकता है, जिससे कंपनी की कमाई की विजिबिलिटी (earnings visibility) और मजबूत होगी। हालांकि, उन्होंने आने वाली National Stock Exchange (NSE) की लिस्टिंग (listing) के संभावित प्रभाव पर थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी है। Jasani को लगता है कि NSE के IPO के आसपास BSE के शेयर की कीमत में कुछ 'टॉपिंग आउट' (topping out) जैसा असर दिख सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि BSE का PE वैल्यूएशन, NSE की अपेक्षित लिस्टिंग वैल्यूएशन से ज़्यादा है।
टेक्निकल एक्सपर्ट्स का कहना (Technical Viewpoint)
Prithvi Finmart के Harish Jujarey ने कहा कि BSE के शेयर लिस्टिंग के बाद से ज़बरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं और कोविड के निचले स्तर से लगभग 13 गुना ऊपर जा चुके हैं। Jujarey ने लॉन्ग-टर्म (long-term) में मजबूत पॉजिटिव ट्रेंड की पुष्टि की है, और शेयर अपने 20-दिन के मूविंग एवरेज (moving average) से काफी ऊपर कारोबार कर रहा है। लेकिन, हालिया तेज उछाल को देखते हुए उन्होंने शॉर्ट-टर्म (short-term) में शेयर के थोड़ा ज़्यादा चढ़ने की आशंका जताई है। Jujarey ने लॉन्ग-टर्म निवेशकों को अपनी पोजीशन बनाए रखने की सलाह दी है, पर मौजूदा भाव पर नई खरीदारी से बचने को कहा है। उन्होंने सुझाव दिया है कि अगर शेयर ₹3,800–₹3,600 के सपोर्ट लेवल (support level) पर आता है, तो खरीदारी का अच्छा मौका बन सकता है।
डिविडेंड (Dividend) का ऐलान
इसके साथ ही, BSE के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹10 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (final dividend) देने की सिफारिश भी की है, जिसका अंतिम फैसला शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही होगा। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई, 2026 तय की गई है, और उम्मीद है कि भुगतान 17 सितंबर, 2026 तक कर दिया जाएगा।
