BSE के Nifty 50 में शामिल होने के बाद स्टॉक में बड़ी हलचल दिखी है। बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स द्वारा **₹2,186 करोड़** की बिकवाली के चलते शेयर गिरकर **₹3,120** पर आ गया है, हालांकि घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने सपोर्ट जारी रखा है।
बिकवाली का दबाव
Nifty 50 में शामिल होने की खबर के बाद BSE के शेयरों में मुनाफावसूली का दौर देखा गया। Goldman Sachs और BNP Paribas जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों ने 6.83 मिलियन शेयर बेचे, जिससे कुल ₹2,186 करोड़ का माल मार्केट में आया। इस बिकवाली के कारण BSE का शेयर 2.5% फिसलकर ₹3,120 के स्तर पर बंद हुआ।
म्यूचुअल फंड्स का सहारा
बिकवाली के इस दबाव के बीच घरेलू निवेशकों ने मार्केट को स्थिरता प्रदान की। UTI Mutual Fund और Nippon India Mutual Fund ने करीब 5.24 मिलियन शेयर खरीदकर सप्लाई को काफी हद तक सोख लिया। यह इंडेक्स रीबैलेंसिंग के दौरान एक सामान्य प्रक्रिया है, जहां विदेशी और घरेलू फंड्स अपने पोर्टफोलियो को नए इंडेक्स के हिसाब से एडजस्ट करते हैं।
इंडेक्स रीबैलेंसिंग का मिला-जुला असर
दिलचस्प बात यह रही कि जिन शेयरों को Nifty 50 से बाहर किया गया, उनमें से एक Wipro के शेयर में 2.4% की तेजी दर्ज की गई। यह दिखाता है कि स्टॉक का प्रदर्शन केवल इंडेक्स में बने रहने या बाहर होने तक ही सीमित नहीं होता।
F&O सेगमेंट में हलचल
इसके अलावा, F&O सेगमेंट में नए शेयरों को शामिल करने की घोषणा ने बाजार में उत्साह भरा है। Ujjivan Small Finance Bank और Siemens India के शेयरों में क्रमशः 2.5% और 1.5% का उछाल आया। साथ ही, Anand Rathi Wealth को भी 250 के लॉट साइज के साथ F&O में जगह मिली है, जिससे इन कंपनियों में अब वॉल्यूम और ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है।
