भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। BSE Sensex **1,600** अंक चढ़कर बंद हुआ, जिससे देश का कुल मार्केट कैप **₹500 ट्रिलियन** के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया। क्रूड ऑयल में गिरावट और अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने इस रैली को हवा दी है।
बाजार में रिकॉर्ड तेजी
गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जोरदार खरीदारी देखी गई। BSE Sensex के 1,600 अंकों की छलांग लगाने के साथ ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹500 ट्रिलियन के जादुई आंकड़े तक पहुंच गया है। Nifty 50 में भी निवेशकों का जबरदस्त भरोसा दिखा और तेजी का असर ऑटो (Auto), फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी (Realty) जैसे सेक्टरों में देखने को मिला, जहां 2% से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया।
रैली के पीछे के बड़े कारण
बाजार में इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े ट्रिगर्स रहे:
क्रूड ऑयल में नरमी: ब्रेंट क्रूड $94-$95 प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है। भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतें घटना राहत की खबर है, क्योंकि इससे महंगाई का दबाव कम होता है और ट्रेड बैलेंस में सुधार होता है।
अमेरिकी चुनावों का असर: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद वैश्विक बाजार में स्थिरता का माहौल है। इससे निवेशकों का डर कम हुआ है और रिस्क-ऑन सेंटीमेंट के चलते भारी खरीदारी देखी गई। साथ ही, FIIs (फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) की ओर से लगातार आ रहा निवेश भी इस तेजी का मुख्य आधार बना है।
सावधानी भी है जरूरी
हालांकि बाजार का मूड पॉजिटिव है, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में 'ओवर-एंथुसियाज्म' (अत्यधिक उत्साह) दिखाई दे रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कई स्टॉक्स अपनी अर्निंग्स के मुकाबले काफी महंगे (High Valuation) हो चुके हैं, जिससे भविष्य में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
आगे के लिए FIIs की एक्टिविटी और क्रूड ऑयल की चाल पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। यदि ग्लोबल स्तर पर सप्लाई की दिक्कतें फिर से बढ़ीं, तो मौजूदा तेजी पर असर पड़ सकता है। फिलहाल निवेशकों को मिडकैप और स्मॉलकैप में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
