शेयर बाजार के दिग्गजों BSE और NSE ने सरकारी कंपनियों NTPC और SJVN पर भारी जुर्माना लगाया है। जून तिमाही में SEBI के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियमों का पालन न करने पर यह कार्रवाई हुई है, जबकि कंपनियों ने सरकारी प्रक्रिया का हवाला देते हुए माफी मांगी है।
नियम और विवाद की जड़
BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने SEBI के लिस्टिंग रेगुलेशन्स, खास तौर पर रेगुलेशन 17(1) के तहत यह एक्शन लिया है। इस नियम के अनुसार, हर लिस्टेड कंपनी को अपने बोर्ड में एक निश्चित संख्या में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स रखने होते हैं। NTPC और SJVN का कहना है कि सरकारी कंपनी होने के नाते, डायरेक्टर नियुक्त करने की पूरी शक्ति भारत के राष्ट्रपति और पावर मिनिस्ट्री के पास है, जिससे अक्सर बोर्ड खाली होने पर देरी होती है।
कंपनियों पर जुर्माना
जून 2026 की तिमाही के लिए यह जुर्माना लगाया गया है। NTPC को BSE और NSE से ₹5,36,900 का जुर्माना मिला है। वहीं, SJVN पर दोनों एक्सचेंजों ने ₹13,44,020 का जुर्माना लगाया है। हालांकि, SJVN ने जुलाई 2026 में जरूरी नियुक्ति पूरी कर ली है और अब वे नियमों का पालन कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए संकेत
भले ही ये पेनल्टी कंपनियां के बड़े कामकाज के मुकाबले छोटी हैं, लेकिन सरकारी कंपनियों में गवर्नेंस का मुद्दा बार-बार सामने आता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि भविष्य में पावर मिनिस्ट्री कितनी तेजी से बोर्ड वैकेंसियों को भरती है, ताकि ऐसी तकनीकी चूक और रेगुलेटरी रिस्क से बचा जा सके। फिलहाल कंपनियां एक्सचेंजों के साथ बातचीत कर रही हैं ताकि इन जुर्माने को माफ कराया जा सके।
