30 सितंबर को Avalon Technologies और Innova Captab में भारी बल्क डील्स देखने को मिली। Kotak Mahindra MF और SBI MF जैसे दिग्गजों की खरीदारी के बावजूद प्रमोटर्स और बड़े निवेशकों की बिकवाली से स्टॉक में उतार-चढ़ाव रहा, जिससे Innova Captab के शेयर **8.76%** तक टूट गए।
बाजार में क्या हुआ?
30 सितंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में जमकर ट्रेडिंग हुई। बल्क डील्स के जरिए संस्थागत निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो को रिबैलेंस किया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा कंपनियों में फंड हाउस की बाइंग और प्रमोटर्स की एग्जिट के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला।
Avalon Technologies में बड़ा बदलाव
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनी Avalon Technologies में मालिकाना हक में बड़ा बदलाव हुआ है। प्रमोटर ग्रुप, जिसमें KBS Family Trust और Bhaskar Srinivasan शामिल हैं, ने कंपनी में कुल 6% हिस्सेदारी बेच दी। यह डील लगभग ₹870.61 करोड़ की रही। इस भारी बिकवाली के बावजूद Kotak Mahindra Mutual Fund ने कंपनी में 3.59% हिस्सेदारी खरीदी, जिसकी वैल्यू ₹521.38 करोड़ है। यह दिखाता है कि प्रमोटर्स के निकलने के बावजूद संस्थागत निवेशक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर उत्साहित हैं।
Innova Captab पर दबाव
फार्मा कंपनी Innova Captab के लिए दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। बड़े निवेशक Gian Parkash Aggarwal ने 2.7% हिस्सेदारी ₹167.4 करोड़ में बेच दी। हालांकि SBI Mutual Fund ने 1.45% हिस्सेदारी खरीदी, लेकिन बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि शेयर 8.76% गिरकर बंद हुआ। यह घटना दर्शाती है कि जब बड़े निवेशक या प्रमोटर्स भारी बिकवाली करते हैं, तो म्यूचुअल फंड की खरीदारी भी शेयर को गिरने से नहीं रोक पाती।
अन्य सौदे और निवेश
प्राइवेट स्पेस की बात करें तो Shadowfax Technologies में Newquest Asia ने 0.68% हिस्सेदारी कम की। वहीं, डायग्नोस्टिक्स सेक्टर में HDFC Mutual Fund ने Molbio Diagnostics में 1.99% हिस्सेदारी खरीदी।
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि मालिकाना हक में हुए इस बड़े बदलाव के बाद Avalon Technologies और Innova Captab के शेयर आने वाले दिनों में कैसा प्रदर्शन करते हैं और क्या संस्थागत खरीदार इन स्तरों पर सपोर्ट बनाए रखते हैं।
