Avadhut Sathe Trading Academy अब SEBI के उस आदेश के खिलाफ अपील करने जा रही है, जिसमें बिना लाइसेंस निवेश सलाह देने का आरोप लगा है। रेगुलेटर ने ₹546 करोड़ रिफंड करने और फाउंडर पर **2 साल** का मार्केट बैन लगाया है।
मामला क्या है?
Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने Avadhut Sathe Trading Academy (ASTA) को आदेश दिया है कि वह अपने ग्राहकों को ₹546.17 करोड़ रिफंड करे। रेगुलेटर का आरोप है कि एकेडमी के पास निवेश सलाह देने का जरूरी लाइसेंस नहीं था, फिर भी वे इसे अंजाम दे रहे थे। अब एकेडमी इस आदेश के खिलाफ Securities Appellate Tribunal (SAT) का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है।
दंड और शर्तें
सिर्फ रिफंड ही नहीं, SEBI ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एकेडमी पर ₹11.5 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा, करीब ₹67.87 करोड़ का ब्याज भी 'Investor Protection and Education Fund' में जमा करने को कहा गया है। वहीं, एकेडमी के फाउंडर Avadhut Sathe पर 2 साल के लिए मार्केट में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
एकेडमी का पक्ष
एकेडमी का कहना है कि वे केवल एजुकेशन दे रहे थे। उनके वकीलों का तर्क है कि ट्रेनिंग के दौरान लाइव मार्केट डेटा का इस्तेमाल सिर्फ सिखाने के उद्देश्य से किया गया था, जो उनके पूरे करिकुलम का बहुत छोटा हिस्सा था। उनका मानना है कि फाइनेंशियल कोचिंग और निवेश सलाह के बीच की बारीक रेखा फिलहाल स्पष्ट नहीं है, जिसके कारण वे इस कार्रवाई की चपेट में आ गए हैं।
निवेशकों के लिए सबक
यह केस उन रिटेल निवेशकों के लिए एक चेतावनी है, जो बिना रजिस्टर्ड एडवाइजर्स के सुझावों पर भरोसा कर लेते हैं। SEBI अब ऐसे 'Finfluencers' और अनधिकृत ट्रेनिंग सेंटर्स पर काफी सख्त हो गया है जो बाजार में अच्छे रिटर्न का वादा करते हैं। हालांकि, SAT ने पहले एकेडमी को कुछ राहत देते हुए डिपॉजिट राशि को घटाकर ₹100 करोड़ किया था, लेकिन रिफंड और बैन का मुख्य मुद्दा अभी भी सुलझना बाकी है।
