दिग्गज निवेशक Ashish Dhawan ने Religare Enterprises में अपना भरोसा जताते हुए हिस्सेदारी बढ़ाकर **7.41%** कर ली है। हालांकि, कंपनी के सामने नेट लॉस और RBI की ओर से डीमर्जर प्लान खारिज होने जैसी बड़ी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
बाजार की हलचल और निवेश
दिग्गज निवेशक Ashish Dhawan ने 31 अगस्त, 2026 को ओपन मार्केट से खरीदारी करते हुए Religare Enterprises में अपनी होल्डिंग को 7.41% तक पहुंचा दिया है। इस खबर के बीच NSE पर शेयर की कीमतों में 4.18% का उछाल दर्ज किया गया और यह ₹242.80 के स्तर पर बंद हुआ।
खराब नतीजों का साया
कंपनी के फाइनेंशियल मोर्चे पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी को ₹47 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। हालांकि रेवेन्यू में 26% की ग्रोथ जरूर दिखी है, लेकिन इसका श्रेय मुख्य रूप से Care Health Insurance सब्सिडियरी को जाता है, जबकि कोर बिजनेस अभी भी लागत के बोझ तले दबा हुआ है।
रेगुलेटरी संकट
निवेशकों की चिंता का सबसे बड़ा कारण RBI का हालिया फैसला है, जिसमें कंपनी के प्रस्तावित डीमर्जर प्लान को खारिज कर दिया गया। यह डीमर्जर कंपनी के भविष्य की ग्रोथ का एक अहम हिस्सा था, जिसके ठंडे बस्ते में जाने से कंपनी की आगे की रणनीतियों पर सवालिया निशान लग गए हैं।
मार्केट में हो रहा बदलाव
यह घटनाक्रम भारतीय बाजार में हो रही व्यापक रीबैलेंसिंग का हिस्सा है। इसी दौर में DSP Mutual Fund ने Concord Biotech में 1.23% हिस्सेदारी खरीदी है, जबकि SBI Cards और Ather Energy जैसे स्टॉक्स में भी काफी हलचल देखने को मिली है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि Religare का मैनेजमेंट इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या नया रोडमैप तैयार करता है।
