जून 2026 तक भारत के ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) ने **₹17.53 लाख करोड़** का नया रिकॉर्ड छुआ है, जो सालाना आधार पर **23.6%** की वृद्धि है। हालांकि कुल इन्वेस्टमेंट **₹7 लाख करोड़** के पार निकल गया है, लेकिन रियल एस्टेट में फंडिंग तेजी से कम हुई है।
बाजार का नया ट्रेंड: रियल एस्टेट से दूरी
SEBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, AIF का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव दिख रहा है। रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश जो तीन महीने पहले ₹1.29 लाख करोड़ था, वह अब घटकर सिर्फ ₹87,969 करोड़ रह गया है। फंड मैनेजरों का यह रुख संकेत दे रहा है कि वे रियल एस्टेट की लिक्विडिटी और उतार-चढ़ाव से बचकर सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
पैसा कहां जा रहा है?
रियल एस्टेट से निकल रहा पैसा अब फाइनेंशियल सर्विसेज, NBFC, फार्मास्यूटिकल्स और आईटी सेक्टर की ओर मुड़ रहा है। यह सेक्टर रोटेशन साफ दिखाता है कि मैनेजर अब ऐसे क्षेत्रों पर दांव लगा रहे हैं जहां कैश फ्लो बेहतर और मांग में स्थिरता है।
रेगुलेटरी अपडेट
SEBI लगातार AIF इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 'एक्र्रेडिटेड इन्वेस्टर फ्रेमवर्क' की समीक्षा कर रहा है ताकि कामकाज में और पारदर्शिता और तेजी आए। आने वाले क्वार्टर्स में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह पैसा नए पसंदीदा सेक्टरों में इसी रफ्तार से आता रहेगा या नहीं।
