12 सितंबर 2026 को होने वाली 57वीं GST Council की बैठक में मोबाइल सेक्टर को बड़ी राहत मिल सकती है। काउंसिल का मुख्य जोर ऑपरेशनल रिफॉर्म्स और अनुपालन (Compliance) से जुड़ी अड़चनों को दूर करने पर है।
मोबाइल सेक्टर को मिल सकती है राहत\n\nGST काउंसिल की इस बैठक में मोबाइल फोन पर लगने वाली GST दरों को 18% से कम करने पर चर्चा हो सकती है। मोबाइल हैंडसेट इंडस्ट्री लंबे समय से मांग कर रही है कि टैक्स कम किया जाए ताकि गिरती डिमांड को रफ्तार दी जा सके और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल सके। यह फैसला सीधे तौर पर इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर के शेयरों और कंज्यूमर सेंटीमेंट पर असर डाल सकता है।\n\n### कामकाज में आसानी के लिए बड़े सुधार\n\nटैक्स दरों के अलावा, सरकार का फोकस इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (Inverted Duty Structure) की समस्या को सुलझाने पर है। जब इनपुट मटेरियल पर टैक्स, फाइनल गुड्स के टैक्स से ज्यादा होता है, तो कंपनियों का पैसा अटक जाता है। इसके अलावा, सेक्शन 17(5) के तहत ब्लॉक किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को लेकर भी नियमों में बदलाव संभव है। इन कदमों से कंपनियों का वर्किंग कैपिटल फ्री होगा और कोर्ट में चल रहे विवादों में कमी आएगी।\n\n### निवेशकों के लिए जोखिम और नजरिया\n\nहालांकि ये सुधार बिजनेस के लिए सकारात्मक हैं, लेकिन राज्य सरकारों के रेवेन्यू पर पड़ने वाले असर को लेकर चुनौती बनी हुई है। यदि राज्यों को रेवेन्यू का नुकसान दिखता है, तो टैक्स कटौती में देरी हो सकती है। निवेशकों को सलाह है कि मीटिंग के बाद आने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन पर नजर रखें, क्योंकि टैक्स बदलाव का वास्तविक असर जीएसटी नेटवर्क (GSTN) के तकनीकी कार्यान्वयन पर ही निर्भर करेगा।