57th GST Council की बैठक अब **8 अक्टूबर, 2026** को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी। इस बैठक में टैक्स दरों के बजाय एडमिनिस्ट्रेटिव सुधारों और रिफंड प्रोसेस को आसान बनाने पर मुख्य चर्चा होगी।
सरकार ने 57th GST Council की बैठक की तारीख को एक बार फिर से बदल दिया है। अब यह बैठक 8 अक्टूबर, 2026 को भारत मंडपम में आयोजित की जाएगी। इससे पहले यह बैठक 7 अक्टूबर को होनी थी। इस बार सरकार का पूरा फोकस 'GST 2.0' के तहत एडमिनिस्ट्रेटिव और प्रोसिजरल एफिशिएंसी पर है।
कारोबारियों को क्या मिलेगा फायदा?
इस बैठक में मुख्य रूप से बिजनेस करने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा होगी। रजिस्ट्रेशन से लेकर रिटर्न फाइलिंग तक के प्रोसेस को सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। एल्गोरिदम के जरिए आने वाले गलत मिसमैच नोटिस से परेशान व्यापारियों के लिए यह एक बड़ी राहत हो सकती है, जिससे कंपनियों का एडमिनिस्ट्रेटिव खर्च कम होगा।
रिफंड और वर्किंग कैपिटल पर फोकस
कई सेक्टर्स लंबे समय से वर्किंग कैपिटल ब्लॉक होने की समस्या से जूझ रहे हैं। काउंसिल अब एक ऐसे ऑटोमेटेड, रिस्क-बेस्ड रिफंड सिस्टम पर विचार कर रही है, जिससे टैक्सपेयर्स को समय पर रिफंड मिल सके और कैश फ्लो में सुधार हो।
कानूनी सुधार और अरेस्ट के नियमों में बदलाव
बैठक में Section 69 के तहत अरेस्ट पावर को सीमित करने और अभियोजन (prosecution) के नियमों को और स्पष्ट बनाने का प्रस्ताव है। साथ ही, GST Appellate Tribunal (GSTAT) के डिजिटल इंटरफेस को बेहतर बनाने पर भी चर्चा होगी, ताकि विवादों का निपटारा तेजी से हो सके और पेंडिंग मामलों का अंबार कम हो।
हालांकि, जब तक सरकार की ओर से आधिकारिक सर्कुलर जारी नहीं होते, तब तक पॉलिसी को लेकर थोड़ी अनिश्चितता बनी रहेगी। निवेशकों और बिजनेसमैन को सलाह है कि वे मीटिंग के बाद आने वाले आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर नजर रखें, क्योंकि यही नियम भविष्य में रिफंड और कंप्लायंस की रूपरेखा तय करेंगे।
