57th GST Council Meet: अब सप्लायर की गलती पर नहीं फंसेगा आपका टैक्स, सरकार लाएगी बड़ा रिलीफ प्लान

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AuthorNeha Patil|Published at:
57th GST Council Meet: अब सप्लायर की गलती पर नहीं फंसेगा आपका टैक्स, सरकार लाएगी बड़ा रिलीफ प्लान

GST Council की 57वीं बैठक **7 अक्टूबर, 2026** को होने जा रही है। इसमें एक अहम प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जो ईमानदार खरीदारों को सप्लायर द्वारा टैक्स जमा न करने के कारण होने वाले ITC नुकसान से बचाएगा।

सरकार 'GST 2.0' इनिशिएटिव के तहत टैक्स सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा उन वैध व्यवसायों को सुरक्षा देना है जो सप्लायर की लापरवाही के कारण अपने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से हाथ धो बैठते हैं। वर्तमान नियमों में अक्सर सप्लायर के टैक्स न जमा करने का खामियाजा खरीदार को भुगतना पड़ता है, जिससे कानूनी विवाद बढ़ते हैं। नए प्रस्ताव के तहत अब रिकवरी का बोझ बेगुनाह खरीदार पर नहीं, बल्कि सीधे डिफॉल्ट करने वाले सप्लायर पर डाला जाएगा।

ITC के दायरे में क्या हो सकता है बदलाव?

काउंसिल उन खर्चों की लिस्ट को भी विस्तार देने पर विचार कर रही है जिन पर ITC क्लेम किया जा सकता है। लंबे समय से कॉर्पोरेट्स एम्प्लॉई हेल्थ इंश्योरेंस, आउटडोर कैटरिंग और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे खर्चों पर स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। अगर ये मंजूरी मिलती है, तो मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लिए ऑपरेटिंग कॉस्ट में बड़ी राहत देखने को मिल सकती है।

वाहनों से जुड़े नियम और रिलीफ

बैठक में वाहनों के लिए क्रेडिट नियमों के आधुनिकीकरण पर भी चर्चा होगी। प्रस्ताव के मुताबिक, कंपनियां अब 13 सीटों तक (ड्राइवर समेत) वाले वाहनों की खरीद, मेंटेनेंस और लीजिंग पर भी ITC क्लेम कर पाएंगी। यह बदलाव खासतौर पर उन कंपनियों के लिए फायदेमंद होगा जो अपने कर्मचारियों के लिए परिवहन सुविधाएं प्रदान करती हैं।

हालांकि, बिजनेस मालिकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ये सभी प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में हैं। यदि खरीदार किसी फ्रॉड में शामिल पाया जाता है, तो उसे यह सुरक्षा नहीं मिलेगी। इस बैठक के बाद सरकारी नोटिफिकेशन ही अंतिम दिशा और नियमों को स्पष्ट करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.