SpaceX का विशाल Starship रॉकेट गुरुवार को लॉन्चिंग से कुछ सेकंड पहले इंजन में खराबी के कारण फेल हो गया। इस वजह से **20** स्टारलिंक सैटेलाइट्स की तैनाती टल गई है और NASA के आर्टेमिस मून मिशन पर भी असर पड़ सकता है।
लॉन्च से ठीक पहले थमा Starship
गुरुवार को SpaceX के लिए एक बड़ा झटका लगा जब उनका विशाल Starship रॉकेट लॉन्चिंग से महज़ कुछ सेकंड पहले ही फेल हो गया। प्री-लॉन्च के ऑटोमेटेड सीक्वेंस के दौरान, कई इंजनों ने इग्निशन (ignition) बनाए रखने में समस्या दिखाई, जिसके चलते लॉन्च टीम को तुरंत लॉन्च कैंसिल करना पड़ा और ईंधन निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस तरह की तकनीकी दिक्कतें किसी भी बड़े स्पेस व्हीकल के शुरुआती डेवलपमेंट में आम हैं, लेकिन यह खास खराबी रॉकेट के प्रोपल्शन सिस्टम (propulsion system) को बेहतर बनाने की लगातार चुनौतियों को उजागर करती है।
Starlink सैटेलाइट्स और हीट शील्ड का टेस्ट रुका
इस मिशन के दो मुख्य लक्ष्य थे: 20 नए स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में लॉन्च करना और स्पेसक्राफ्ट की हीट शील्ड (heat shield) की मजबूती परखने के लिए फ्लाइट डेटा इकट्ठा करना। चूँकि ये स्टारलिंक सैटेलाइट्स इसी टेस्ट फ्लाइट के ज़रिये तैनात होने वाले थे, इसलिए लॉन्च कैंसिल होने से ऑर्बिटल नेटवर्क के विस्तार में रुकावट आई है। SpaceX के फाउंडर एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर बताया कि टीम इग्निशन फेलियर के कारण की जांच करेगी और संभवतः कुछ ही दिनों में फ्लाइट को फिर से शेड्यूल करने की कोशिश की जाएगी।
NASA और आर्टेमिस मून मिशन पर असर
सिर्फ सैटेलाइट्स की तैनाती ही नहीं, Starship प्रोग्राम NASA के लॉन्ग-टर्म मून एक्सप्लोरेशन (lunar exploration) के लक्ष्यों के लिए भी बेहद अहम है। SpaceX फिलहाल आर्टेमिस प्रोग्राम के लिए ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम (human landing system) के तौर पर Starship के एक विशेष वर्जन को सप्लाई करने के कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा है। यह प्रोग्राम एजेंसी के एस्ट्रोनॉट्स (astronauts) को चांद की सतह पर वापस ले जाने के लक्ष्य के लिए केंद्रीय है।
NASA ने 'ब्लू मून' लैंडर विकसित करने के लिए Blue Origin को भी शामिल किया है, ताकि इन मिशनों के लिए बैकअप और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हो सके। दोनों कंपनियां अगले साल होने वाले आर्टेमिस III मिशन की तैयारी कर रही हैं, जिसमें महत्वपूर्ण डॉकिंग प्रोसीजर (docking procedures) शामिल होंगे। Starship में किसी भी तरह की लगातार तकनीकी दिक्कतें या लॉन्च में देरी इन महत्वाकांक्षी टाइमलाइन पर दबाव डाल सकती है, क्योंकि एस्ट्रोनॉट्स की लैंडिंग के लिए सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए व्हीकल को कई सफल अन-क्रूड (uncrewed) और क्रूड (crewed) टेस्ट पूरे करने होंगे।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Starship का डेवलपमेंट एक हाई-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड प्रोजेक्ट है। आने वाले हफ्तों में जांच के नतीजे, SpaceX की लॉन्च पैड पर वापसी की रफ्तार और NASA के आर्टेमिस माइलस्टोन रिव्यू (milestone reviews) की प्रगति पर नज़र रखनी होगी। चूँकि कंपनी लगातार टेस्टिंग पर भरोसा करती है - जहाँ शुरुआती दौर में रॉकेट को अक्सर रिकवर करने के बजाय नष्ट कर दिया जाता है - इन लॉन्च प्रयासों की कुल लागत (financial and operational costs) Starship प्रोग्राम की समग्र व्यवहार्यता (viability) का एक प्रमुख कारक बनी रहेगी।
