NASA और SpaceX की बड़ी डील: $5.92 बिलियन के कॉन्ट्रैक्ट के साथ 2030 तक बढ़ी पार्टनरशिप

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
NASA और SpaceX की बड़ी डील: $5.92 बिलियन के कॉन्ट्रैक्ट के साथ 2030 तक बढ़ी पार्टनरशिप

NASA ने SpaceX को तीन अतिरिक्त मिशनों के लिए **$946 मिलियन** का नया कॉन्ट्रैक्ट दिया है। इस डील के साथ कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू **$5.92 बिलियन** पहुंच गई है, जिससे SpaceX 2030 तक अंतरिक्ष यात्रियों को पहुंचाने का मुख्य जरिया बनी रहेगी।

मिशन का विस्तार और बढ़ती वैल्यू

NASA और SpaceX के बीच हुए इस नए समझौते के तहत SpaceX अब इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक तीन अतिरिक्त क्रू मिशन संचालित करेगी। इस विस्तार के साथ ही NASA के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के तहत SpaceX के कुल मिशनों की संख्या 17 हो गई है। कंपनी क्रू ट्रेनिंग से लेकर स्पेसक्राफ्ट की तैयारी, लॉन्चिंग और लैंडिंग तक की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी।

Boeing बनाम SpaceX: भरोसे की जंग

NASA की रणनीति दो अलग-अलग कंपनियों पर निर्भर रहने की है, ताकि किसी एक की तकनीकी खराबी के कारण स्पेस प्रोग्राम न रुके। हालांकि, हालिया स्थिति ने इस रणनीति की असलियत दिखा दी है। Boeing के Starliner स्पेसक्राफ्ट को 2024 के टेस्ट मिशन के दौरान भारी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद क्रू को वापस लाने के लिए SpaceX के कैप्सूल का उपयोग करना पड़ा।

एयरोस्पेस सेक्टर पर असर

SpaceX एक प्राइवेट कंपनी है और सीधे तौर पर इसमें निवेश मुमकिन नहीं है, लेकिन इसकी शानदार परफॉर्मेंस ग्लोबल एयरोस्पेस मार्केट की दिशा तय कर रही है। इन्वेस्टर्स के लिए यह एक संकेत है कि कैसे एक कंपनी तकनीकी विश्वसनीयता (Reliability) के दम पर मार्केट में एकाधिकार (Dominance) बना रही है। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या Boeing अपने Starliner प्रोग्राम में सुधार कर पाएगा या फिर SpaceX का दबदबा ही बना रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.