NASA ने Katalyst Space Technologies के साथ **$30 मिलियन** का Swift Observatory को बचाने का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया है। लिंक स्पेसक्राफ्ट, जिसे टेलीस्कोप की ऑर्बिट बढ़ानी थी, लॉन्च के कुछ ही समय बाद खराब हो गया। यह घटना कमर्शियल स्पेस सर्विसिंग टेक्नोलॉजी के हाई-रिस्क को दर्शाती है।
NASA ने क्यों रद्द किया रेस्क्यू मिशन?
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने Neil Gehrels Swift Observatory को बचाने के अपने मिशन को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है। यह साइंटिफिक सैटेलाइट 20 सालों से अंतरिक्ष में है। एजेंसी ने 19 अगस्त, 2026 को इस प्रोजेक्ट को खत्म करने का ऐलान किया। अब यह टेलीस्कोप इसी साल अनियंत्रित तरीके से पृथ्वी के एटमॉस्फियर में वापस आएगा। यह फैसला प्राइवेट कंपनी Katalyst Space Technologies द्वारा बनाए गए Link स्पेसक्राफ्ट की विफलता के बाद लिया गया। इस यान का मकसद Swift टेलीस्कोप से जुड़कर उसे स्टेबल और ऊंची ऑर्बिट में पहुंचाना था।
Link स्पेसक्राफ्ट में आई क्या दिक्कत?
इस मिशन के लिए Link स्पेसक्राफ्ट का कॉम्प्लेक्स मैन्यूवर करना ज़रूरी था। लेकिन, जुलाई में लॉन्च होने के कुछ समय बाद ही इसमें मैकेनिकल दिक्कतें आने लगीं। इसमें 3 में से 2 रिएक्शन व्हील फेल हो गए, जो स्पेसक्राफ्ट की डायरेक्शन और स्टेबिलिटी के लिए बेहद ज़रूरी होते हैं। फ्लाइट कंट्रोलर्स ने इसे स्टेबल करने की कोशिशें कीं, लेकिन खराबी इतनी बढ़ गई कि यह Swift के साथ जुड़ नहीं सका।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह जानना ज़रूरी है कि Katalyst Space Technologies एक प्राइवेट कंपनी है और स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं है। $30 मिलियन का यह एग्रीमेंट फिक्स्ड-प्राइस कॉन्ट्रैक्ट था, जिसका मतलब है कि फाइनेंशियल असर प्रोजेक्ट के बजट तक ही सीमित रहेगा। यह फेल मिशन कमर्शियल स्पेस सर्विसिंग इंडस्ट्री के हाई-रिस्क वाले नेचर को दिखाता है। इस सेक्टर का मकसद खराब हो रहे सैटेलाइट्स को फ्यूल देना, रिपेयर करना या उनकी पोजीशन बदलना है।
Swift Observatory का नुकसान
Swift Observatory का खत्म होना बड़ा नुकसान है, क्योंकि यह लगभग $500 मिलियन का साइंटिफिक एसेट था। इसकी ऑपरेशनल लाइफ को बढ़ाने में नाकामी से साइंटिस्ट्स को 2004 से ब्रह्मांड की हाई-एनर्जी इवेंट्स को ट्रैक करने वाले टूल से हाथ धोना पड़ेगा। इसके अलावा, यह रेस्क्यू फेलियर भविष्य के ऑर्बिटल सर्विसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए अनिश्चितता पैदा करता है, जिसमें 36 साल पुराने Hubble Space Telescope को बचाने की कोशिशें भी शामिल हो सकती हैं, जो ऑर्बिटल डीके का सामना कर रहा है।
भविष्य की राह
Katalyst Space Technologies का कहना है कि वह खराब Link स्पेसक्राफ्ट को Swift के पास ऑपरेट करना जारी रखेगा। कंपनी बचे हुए हार्डवेयर का इस्तेमाल नेविगेशन और प्रॉक्सिमिटी ऑपरेशंस को टेस्ट करने के लिए करना चाहती है, ताकि भविष्य के मिशन के लिए डेटा जुटाया जा सके। स्पेस इंडस्ट्री इस बात पर ध्यान देगी कि यह मिशन फेलियर भविष्य में ऑर्बिटल रिपेयर करने वाली कमर्शियल कंपनियों के रेगुलेटरी और फंडिंग माहौल को कैसे प्रभावित करता है।
