AI का कमाल! 87 साल पुरानी गणित की गुत्थी सुलझी? शख्स ने AI की मदद से किया दावा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
AI का कमाल! 87 साल पुरानी गणित की गुत्थी सुलझी? शख्स ने AI की मदद से किया दावा

एक मैथमेटिशियन का दावा है कि उसने AI की मदद से Jacobian Conjecture को गलत साबित कर दिया है, जो 87 सालों से अनसुलझी पहेली बनी हुई थी। इस दावे की अब वैज्ञानिक समुदाय में समीक्षा हो रही है।

Detailed Coverage

Jacobian Conjecture: 87 साल की अनसुलझी पहेली

शुद्ध गणित के क्षेत्र से एक बड़ा दावा सामने आया है। एक मैथमेटिशियन, Levent Alöge, का कहना है कि उन्होंने AI मॉडल Claude का इस्तेमाल करके 87 साल पुरानी Jacobian Conjecture के लिए एक काउंटर-एग्जांपल (counterexample) ढूंढ निकाला है। यह समस्या 1939 से अनसुलझी है और अलजेब्रिक ज्योमेट्री (algebraic geometry) के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। अगर यह दावा साबित हुआ, तो यह गणित के साथ-साथ AI के इस्तेमाल में एक बड़ी उपलब्धि होगी।

Jacobian Conjecture आखिर है क्या?

इसे जर्मन मैथमेटिशियन Ott-Heinrich Keller ने पेश किया था। यह पॉलीनोमिअल मैप्स (polynomial maps) से जुड़ा एक सवाल है। यह पूछता है कि क्या एक नॉन-जीरो (non-zero) Jacobian determinant वाला पॉलीनोमिअल मैप, जिसका इनवर्स (inverse) भी पॉलीनोमिअल हो, जरूरी है? दशकों की कोशिशों के बावजूद, गणितज्ञ इस पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाल पाए थे।

AI ने कैसे की मदद?

Levent Alöge, जो AI कंपनी Anthropic में काम करते हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने तीन वेरिएबल्स (variables) वाला एक पॉलीनोमिअल मैप बताया, जिसका Jacobian determinant लगातार -2 है। उनका दावा है कि यह मैप इन्वर्टिबल (invertible) नहीं है, क्योंकि तीन अलग-अलग इनपुट पॉइंट्स (input points) के लिए एक ही आउटपुट (output) मिलता है। अगर यह सच है, तो यह सीधे तौर पर Conjecture के विपरीत होगा।

AI और गणित: भविष्य की राह?

हालांकि AI का इस्तेमाल एक बड़ी बात है, लेकिन गणितीय समुदाय ऐसे दावों को बहुत सावधानी से परखता है। Jacobian Conjecture अलजेब्रिक ज्योमेट्री का एक अहम हिस्सा है, इसलिए किसी भी समाधान या काउंटर-एग्जांपल को गहन जांच और पीयर-रिव्यू (peer-review) से गुजरना पड़ता है। अब स्वतंत्र विशेषज्ञ इस खोज को दोहराएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि इसमें कोई गलती तो नहीं है।

यह घटना दिखाती है कि वैज्ञानिक कैसे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। AI मॉडल जटिल समस्याओं को सुलझाने, पैटर्न पहचानने और परिकल्पनाओं को परखने में मदद कर रहे हैं। कुछ लोग AI को गणित में बड़ी सफलताओं में तेजी लाने के लिए उत्साहित हैं, लेकिन कई विशेषज्ञ मानते हैं कि जटिल प्रूफ (proofs) को मान्य करने के लिए इंसानी निगरानी अभी भी जरूरी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.