असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आज गुवाहाटी में ISRO के नए एडवांस्ड रडार रिसर्च सेंटर की आधारशिला रखेंगे। **67 एकड़** में फैला यह प्रोजेक्ट 'नेट्रा' (NETRA) का हिस्सा है, जो भारत की सैटेलाइट सुरक्षा और स्पेस मलबे पर नजर रखने की क्षमता को और मजबूत करेगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आज गुवाहाटी के पास चंद्रपुर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के 'एडवांस्ड रडार रिसर्च सेंटर' का शिलान्यास करेंगे। यह अत्याधुनिक केंद्र भारत की स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस (SSA) को बढ़ाने की एक अहम रणनीति है।\n\n### क्या है इस सेंटर की खासियत?\nयह केंद्र लगभग 67 एकड़ के विशाल क्षेत्र में तैयार किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सक्रिय सैटेलाइट्स, निष्क्रिय अंतरिक्ष यान और ऑर्बिटल मलबे (space debris) की सटीक निगरानी करना है। अंतरिक्ष में बढ़ते ऑब्जेक्ट्स के बीच टकराव के खतरे को देखते हुए, यह रडार सिस्टम भारतीय संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी डेटा उपलब्ध कराएगा। इससे भारत की विदेशी डेटा स्रोतों पर निर्भरता भी कम होगी।\n\n### एयरोस्पेस सेक्टर के लिए बड़े अवसर\nयह प्रोजेक्ट भारत की अंतरिक्ष सुरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें लद्दाख के हानले में विकसित हो रही ऑप्टिकल टेलीस्कोप जैसी अन्य प्रणालियां भी शामिल हैं। हालांकि अभी किसी लिस्टेड कंपनी के ठेके का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन यह पहल देश में रडार इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ग्राउंड-स्टेशन हार्डवेयर की मांग को लंबे समय तक बढ़ावा देगी।\n\nजैसे-जैसे सरकार 'इन-स्पेस' (In-SPACe) के जरिए अपनी अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को रफ्तार दे रही है, घरेलू स्पेस-टेक सप्लाई चेन का विकास तेज हो रहा है। निवेशकों के लिए यह सेक्टर भविष्य में एक बड़े अवसर के रूप में उभर सकता है क्योंकि सरकार अपने निगरानी नेटवर्क का विस्तार कर रही है।
