भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप GalaxEye ने अपनी क्रांतिकारी OptoSAR इमेजिंग आर्किटेक्चर के लिए US पेटेंट हासिल कर लिया है। यह तकनीक ऑप्टिकल और रडार सेंसर को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ती है, जो कंपनी की IP मजबूती के लिहाज से एक बड़ा कदम है।
तकनीक में क्या है खास?
GalaxEye की इस उपलब्धि ने स्पेस-टेक जगत में हलचल मचा दी है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय स्टार्टअप को सैटेलाइट इमेजिंग टेक्नोलॉजी के लिए US पेटेंट मिला है। यह सिस्टम ऑप्टिकल और माइक्रोवेव सेंसर को एक साथ सिंक (Sync) करता है, जिससे डेटा कैप्चरिंग में सटीकता आती है।
क्यों है यह एक गेम-चेंजर?
आमतौर पर ऑप्टिकल और रडार सैटेलाइट अलग-अलग काम करते हैं, जिससे डेटा में गैप रह जाता है। GalaxEye का OptoSAR हर मौसम और दिन-रात हाई-क्वालिटी इमेजिंग संभव बनाता है। कंपनी ने मई 2026 में अपने 'Mission Drishti' सैटेलाइट के साथ इसका सफल प्रदर्शन भी किया है।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
साफ कर दें कि GalaxEye एक अनलिस्टेड (Unlisted) प्राइवेट कंपनी है। इसका शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ट्रेड नहीं होता है। इसमें निवेश के रास्ते केवल प्राइवेट इक्विटी या वेंचर कैपिटल के जरिए ही खुले हैं।
भविष्य की योजनाएं
कंपनी का लक्ष्य अगले 5 सालों में 30 सैटेलाइट्स का एक कॉन्स्टेलेशन तैयार करना है, जो डिफेंस, एग्रीकल्चर, इंश्योरेंस और मैरीटाइम इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर्स को सर्विस देगा। हालांकि, स्पेस-टेक एक कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस है, जहां कंपनी की सफलता भविष्य में फंड जुटाने की क्षमता और कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर करेगी।
