GalaxEye का Drishti सैटेलाइट गया, सौर तूफान ने मचाया कोहराम!

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AuthorAditya Rao|Published at:
GalaxEye का Drishti सैटेलाइट गया, सौर तूफान ने मचाया कोहराम!

बेंगलुरु की स्पेस-टेक कंपनी GalaxEye ने अपना पहला अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट, मिशन दृष्टि, एक भयंकर सौर तूफान के कारण खो दिया है। कंपनी ने कहा है कि सैटेलाइट के वापस मिलने की उम्मीद कम है, लेकिन यह मिशन अपने अहम इंजीनियरिंग सिस्टम को टेस्ट करने में कामयाब रहा। GalaxEye अब अगले 24 महीनों में लॉन्च होने वाले अपने दो नए सैटेलाइट के लिए इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग तेज करने की योजना बना रही है।

बेंगलुरु स्थित अर्थ ऑब्जर्वेशन स्टार्टअप GalaxEye ने अपने मिशन दृष्टि सैटेलाइट के खो जाने की खबर दी है। लॉन्च और अर्ली ऑर्बिट फेज (Launch and Early Orbit Phase) के दौरान आए एक गंभीर जियोमैग्नेटिक सोलर स्टॉर्म (Geomagnetic Solar Storm) के संपर्क में आने के बाद सैटेलाइट से सिग्नल आना बंद हो गए। कंपनी अभी भी लिंक फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सैटेलाइट के वापस मिलने की संभावना फिलहाल कम है।

सौर घटना का असर

3 मई को स्पेसएक्स (SpaceX) रॉकेट से लॉन्च किए गए इस मिशन में तब तकनीकी दिक्कतें आईं जब सौर तूफान के कारण अप्रत्याशित रेडिएशन लेवल बढ़ गए। ऐसा लगता है कि इस माहौल ने ऑनबोर्ड के एक महत्वपूर्ण सिस्टम को प्रभावित किया, जिससे कम्युनिकेशन रुक-रुक कर होने लगा और अंततः पूरी तरह से बंद हो गया। कंपनी फिलहाल सैटेलाइट के आर्किटेक्चर में विशेष फेलियर पॉइंट्स की पहचान के लिए एक विस्तृत जांच कर रही है।

इंजीनियरिंग माइलस्टोन और भविष्य की राह

इस नुकसान के बावजूद, GalaxEye ने बताया कि प्रोजेक्ट ने अपने कई मुख्य इंजीनियरिंग लक्ष्यों को हासिल किया। टीम ने लॉन्च के बाद शुरुआती कम्युनिकेशन स्थापित करने और मिशन के शुरुआती चरणों के दौरान महत्वपूर्ण स्पेसक्राफ्ट सबसिस्टम के प्रदर्शन को वेरिफाई करने में सफलता पाई। मिशन दृष्टि को ऑप्टिकल इमेजरी (Optical Imagery) के साथ सिंथेटिक अपर्चर रडार (Synthetic Aperture Radar) को जोड़ने वाला पहला सैटेलाइट बनने का इरादा था - एक ऐसी तकनीक जो मौसम या दिन के समय की परवाह किए बिना स्पष्ट इमेजिंग की सुविधा देती है।

इस अनुभव के बाद, GalaxEye अपने डेवलपमेंट प्रोसेस पर आंतरिक नियंत्रण को मजबूत करने के लिए अपने ऑपरेशनल फोकस को बदल रही है। सीईओ सुयश सिंह ने कहा कि कंपनी अपनी सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और सैटेलाइट डेवलपमेंट का अधिक हिस्सा इन-हाउस करने जा रही है। इस रणनीति का उद्देश्य बाहरी विक्रेताओं पर निर्भरता कम करना और कंपनी को अपने हार्डवेयर की विश्वसनीयता पर अधिक नियंत्रण देना है। इस स्टार्टअप ने पहले ही अगले 24 महीनों के भीतर दो अतिरिक्त OptoSAR सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना की घोषणा की है। इन भविष्य के मिशनों से Drishti की विसंगतियों से मिले इंजीनियरिंग सबकों को प्रदर्शन और स्थिरता में सुधार के लिए शामिल करने की उम्मीद है।

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