Sai Life Sciences के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। कंपनी पेप्टाइड और स्पेशलाइज्ड केमिस्ट्री सेगमेंट में अपने कारोबार को बढ़ा रही है, जिसके चलते शेयर ने ₹1,595 का लाइफटाइम हाई छू लिया है। हालांकि, दमदार मुनाफे के बावजूद निवेशक कंपनी के ऊंचे वैल्यूएशन और बड़े कैपिटल खर्च से जुड़े जोखिमों पर नजर बनाए हुए हैं।
कारोबार का विस्तार और क्षमता
Sai Life Sciences का फोकस अब पेप्टाइड्स, रेडियोकेमेस्ट्री और एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स (ADCs) जैसे जटिल फार्मा सेगमेंट पर है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को 700 किलोलीटर (KL) से बढ़ाकर 1,150 KL करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए FY27 में ₹1,100 करोड़ से ₹1,300 करोड़ तक का भारी-भरकम कैपिटल खर्च (Capex) करने की योजना है। नए प्रोडक्शन ब्लॉक्स अगले कुछ क्वार्टर्स में शुरू हो सकते हैं, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू को सपोर्ट करेंगे।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस और वैल्यूएशन
कंपनी ने FY26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में 29% और नेट प्रॉफिट में 109% की भारी उछाल दर्ज की है। FY27 की पहली तिमाही में भी रेवेन्यू 12% और प्रॉफिट 21% बढ़ा है। दिसंबर 2024 में आए IPO के बाद से कंपनी ने कर्ज भी काफी कम किया है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत हुई है। हालांकि, 91x के P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा यह स्टॉक काफी महंगा है, जिससे भविष्य में प्रदर्शन को लेकर उम्मीदें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं।
भविष्य के संकेत और रिस्क
निवेशकों को ग्लोबल मार्केट की प्रतिस्पर्धा और रेगुलेटरी बदलावों के प्रति सचेत रहना होगा। कंपनी की 27वीं एजीएम (AGM) 17 सितंबर, 2026 को होनी है, जिसके लिए ई-वोटिंग कट-ऑफ 10 सितंबर, 2026 तय की गई है। मैनेजमेंट की ओर से नए प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग और पार्टनरशिप पर आने वाले अपडेट्स शेयर की अगली चाल तय करेंगे।
