LTCG Tax में बड़े बदलाव का प्रस्ताव: बाजार में जान फूंकने के लिए SBI Research का नया रोडमैप

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AuthorMehul Desai|Published at:
LTCG Tax में बड़े बदलाव का प्रस्ताव: बाजार में जान फूंकने के लिए SBI Research का नया रोडमैप

SBI Research ने बाजार से विदेशी निवेशकों के बड़े पलायन को रोकने के लिए LTCG टैक्स ढांचे में बदलाव का सुझाव दिया है। साल 2026 में विदेशी निवेशकों ने बाजार से **₹3 लाख करोड़** से अधिक की निकासी की है, जिसे देखते हुए टैक्स में राहत की मांग उठ रही है।

टैक्स ढांचे में क्या बदलाव चाहती है रिपोर्ट?

SBI की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में स्थिरता लाने के लिए टैक्स नियमों में बड़े बदलाव की जरूरत है। रिपोर्ट में एक सुझाव यह दिया गया है कि 3 साल से अधिक समय तक शेयर होल्ड करने वाले निवेशकों के लिए टैक्स दर को शून्य कर दिया जाए। इसके अलावा, मौजूदा ₹1.25 लाख की टैक्स छूट सीमा को महंगाई के हिसाब से इंडेक्स (Index) करने का भी सुझाव है।

रेवेन्यू का गणित और STT

अगर सरकार LTCG टैक्स को हटाती है, तो सरकारी खजाने को फाइनेंशियल ईयर 2028 में ₹40,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो सकता है। इसे संतुलित करने के लिए SBI ने Securities Transaction Tax (STT) को 50% तक बढ़ाने का सुझाव दिया है, ताकि सरकार की कमाई पर ज्यादा असर न पड़े।

क्या यह फाइनल फैसला है?

निवेशकों को यह समझना होगा कि फिलहाल यह सिर्फ एक रिसर्च सुझाव है, न कि कोई सरकारी नोटिफिकेशन। 5 नवंबर, 2026 तक सरकार ने टैक्स नियमों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि फाइनेंस मिनिस्ट्री ने निवेशकों की चिंता पर गौर किया है, लेकिन आने वाले बजट तक किसी भी ठोस फैसले का इंतजार करना ही समझदारी होगी।

ग्लोबल फैक्टर्स का भी असर

बाजार के जानकारों का मानना है कि केवल टैक्स कटौती से विदेशी निवेशकों की वापसी संभव नहीं है। मार्केट पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें और अमेरिका में ब्याज दरों (US Interest Rates) का भी बड़ा असर पड़ता है। इसलिए निवेशकों को टैक्स प्रपोजल्स के साथ-साथ ग्लोबल मैक्रो संकेतों पर भी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.