OmniScience Capital को उम्मीद है कि आगामी U.S. मिडटर्म चुनाव भारतीय बाजार के लिए एक 'ट्रिगर' साबित होंगे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ग्लोबल भू-राजनीतिक और महंगाई का दबाव कम होगा और लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी के मौके बनेंगे।
बाजार की दिशा और ग्लोबल फैक्टर
3 नवंबर, 2026 को होने वाले U.S. मिडटर्म चुनावों पर अब निवेशकों की नजरें टिकी हैं। OmniScience Capital के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर अश्विनी शमी का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे ग्लोबल स्तर पर तनाव को कम कर सकते हैं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, महंगाई के अनुमानों में नरमी और U.S. ट्रेजरी यील्ड में स्थिरता आने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा भारतीय बाजार में आने वाले विदेशी निवेश (FII flows) को मिलेगा।
RBI की पॉलिसी पर राय
जहां बाजार में RBI द्वारा 25-basis-point की ब्याज दर बढ़ोतरी की चर्चा है, वहीं एक्सपर्ट्स इसे एक 'टैक्टिकल' कदम मान रहे हैं। इसे लंबी अवधि के आक्रामक रेट-हाइकिंग साइकिल की शुरुआत नहीं, बल्कि महंगाई को काबू में रखने और रुपये को मजबूती देने के लिए एक अस्थायी उपाय के रूप में देखा जा रहा है।
लार्ज-कैप पर फोकस क्यों?
'साइंटिफिक इन्वेस्टिंग' फ्रेमवर्क के तहत, कंपनी ने लार्ज-कैप स्टॉक्स, विशेष रूप से Nifty 100 को आकर्षक बताया है। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट के शेयरों के दाम अभी काफी ऊंचे हैं, जो आने वाले रिस्क को पूरी तरह नहीं दर्शाते।
किन सेक्टर्स में है दम?
फाइनेंशियल सर्विसेज में क्रेडिट ग्रोथ लगातार बनी हुई है। हालांकि बैंकों के मार्जिन पर डिपॉजिट ग्रोथ न होने का दबाव है, लेकिन लंबी अवधि के फॉरेन करेंसी डिपॉजिट्स से स्थिति सुधरने की उम्मीद है। साथ ही, पावर, लॉजिस्टिक्स, मशीनरी और EPC कंपनियों को लेकर भी सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है, लेकिन निवेशकों को 'पीक ग्रोथ' की उम्मीद वाले स्टॉक्स से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
