शेयर बाजार में पॉजिटिव मोमेंटम बरकरार है और Nifty 50 अब **23,000** के अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर टिका हुआ है। टेक्निकल चार्ट्स **24,000** के स्तर की ओर संकेत कर रहे हैं, लेकिन निवेशकों की नजरें क्रुशियल सपोर्ट लेवल्स और मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा पर टिकी हैं।
बाजार की चाल और रेजिस्टेंस
इंडेक्स फिलहाल शानदार मोमेंटम के साथ ट्रेड कर रहा है। हालांकि, ऊपर की ओर 23,300 से 23,500 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में सामने आया है। इस स्तर को पार करने के लिए इंडेक्स में दमदार वॉल्यूम और खरीदारी का बने रहना बहुत जरूरी है। वहीं, अगर नीचे की बात करें, तो 22,850 से 22,900 का लेवल फिलहाल एक मजबूत 'फ्लोर' (सपोर्ट) का काम कर रहा है। इस दायरे के नीचे फिसलने पर बाजार में सुस्ती देखी जा सकती है।
बैंकिंग सेक्टर का दम
बाजार की इस तेजी में बैंकिंग सेक्टर सबसे आगे है। Nifty Bank का चार्ट काफी मजबूत दिख रहा है, जो आगे चलकर 56,600 से 57,300 के स्तर तक जा सकता है। बैंकिंग इंडेक्स के लिए 55,350 से 55,500 का दायरा एक क्रुशियल सेफ्टी नेट है। इस सपोर्ट के टूटने पर फाइनेंशियल शेयरों में चल रहे बुलिश ट्रेंड पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इंडेक्स के मौजूदा स्तरों पर P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) चिंता का विषय हो सकता है। हाई वैल्यूएशन के कारण मार्केट में अचानक गिरावट का जोखिम बना रहता है, खासकर अगर कॉर्पोरेट अर्निंग्स और RBI की इंटरेस्ट रेट पॉलिसी उम्मीदों के मुताबिक न रही। इसके अलावा, ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट फ्लो की दिशा भी बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। आने वाले कुछ हफ्ते यह स्पष्ट कर देंगे कि यह तेजी फंडामेंटल सुधार पर आधारित है या केवल लिक्विडिटी के दम पर है।
