अगस्त महीने में Nifty 50 कंपनियों के FY27 अर्निंग्स अनुमानों में हल्की रिकवरी दर्ज की गई है, जो जुलाई की गिरावट के बाद एक सकारात्मक संकेत है। सीमेंट और एनर्जी सेक्टर में उत्साह है, जबकि ऑटो और कंज्यूमर स्टेपल्स कंपनियों के मुनाफे पर अभी भी दबाव बना हुआ है।
जुलाई में 0.7% की गिरावट के बाद, अगस्त 2026 में Nifty 50 के लिए FY27 अर्निंग्स पर शेयर (EPS) अनुमानों में 0.1% की मंथ-ऑन-मंथ बढ़ोतरी हुई है। यह बदलाव संकेत देता है कि बाजार में लगातार हो रही अर्निंग्स डाउनग्रेड की प्रक्रिया अब थमने की राह पर है।
सेक्टरवार रुझान
रिकवरी हर क्षेत्र में एक समान नहीं है। सीमेंट कंपनियों ने बाजी मारते हुए अपने FY27 EPS अनुमानों में 9% की भारी वृद्धि दर्ज की है। इसके अलावा, फाइनेंशियल (खासकर NBFC) और एनर्जी सेक्टर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं।
दूसरी ओर, कंज्यूमर स्टेपल्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बाजार का नजरिया अभी भी थोड़ा संशयपूर्ण है। इनके अर्निंग्स प्रोजेक्शन में क्रमशः 4.7% और 2.2% की कटौती की गई है, जिसका मुख्य कारण मांग में सुस्ती और बढ़ती लागत को ग्राहकों तक पास न कर पाना है। बैंकिंग सेक्टर में भी मिले-जुले रुझान हैं क्योंकि कई कंपनियां क्रेडिट ग्रोथ की चुनौतियों से जूझ रही हैं।
बाजार का हाल और बड़े बदलाव
बाजार की हलचल के बीच, Nifty 50 में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जहाँ 30 सितंबर, 2026 से BSE Ltd, Wipro की जगह लेगा। वहीं, अगस्त 2026 में विदेशी निवेशकों (FPIs) ने लगभग ₹30,919 करोड़ का निवेश किया है, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बनी हुई है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि अनुमान स्थिर हो रहे हैं, लेकिन वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जो कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही, मानसून की अनिश्चितता का असर ग्रामीण मांग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर पड़ सकता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये अनुमान हकीकत में मुनाफे में तब्दील होते हैं या नहीं।
