Indian Stock Market: वैल्युएशन में आई बड़ी गिरावट, अब निवेश का सही मौका?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian Stock Market: वैल्युएशन में आई बड़ी गिरावट, अब निवेश का सही मौका?

सितंबर **2024** के हाई लेवल से लार्ज-कैप और मिड-कैप स्टॉक्स के वैल्युएशन में **30%** से ज्यादा की कमी आई है, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए जोखिम-रिवॉर्ड का समीकरण बेहतर हुआ है।

भारतीय शेयर बाजार में सितंबर 2024 के पीक के बाद से एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। डेटा के अनुसार, लार्ज-कैप शेयरों के वैल्युएशन में लगभग 31% और मिड-कैप में 36% की कमी दर्ज की गई है। इस सुधार ने भारतीय बाजार के प्रीमियम को कम कर दिया है, जिससे भविष्य में विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है।

सेक्टर का हाल

बैंकिंग सेक्टर आज भी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बना हुआ है, जिसे क्रेडिट की मांग और स्थिर एसेट क्वालिटी का साथ मिल रहा है। इसके उलट, IT सेक्टर एक कठिन दौर से गुजर रहा है। क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में मौके तो हैं, लेकिन ग्लोबल क्लाइंट्स के खर्च में कटौती के चलते रेवेन्यू ग्रोथ पर दबाव है। अब निवेशक उन कंपनियों को चुन रहे हैं जिनका एग्जीक्यूशन ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है।

क्रूड ऑयल का रिस्क और निवेश की रणनीति

बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी है। यदि क्रूड ऑयल $90 से $95 के पार जाता है, तो देश का इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है और रुपया भी दबाव में आ सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ तेल ही बाजार का रुख तय नहीं करेगा। मजबूत कॉर्पोरेट अर्निंग्स और घरेलू खपत बाजार को सहारा दे रहे हैं।

मौजूदा माहौल में निवेशकों को अंधाधुंध खरीदारी से बचकर 'स्टैगर्ड एक्यूमुलेशन' (staggered accumulation) यानी किस्तों में खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। बेहतर कैश फ्लो और मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों पर फोकस करना अब सबसे जरूरी हो गया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.