ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Jefferies ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बुलिश रुख अपनाया है। कंपनी का अनुमान है कि भारत की GDP इस साल **6.5% से 7%** तक बढ़ सकती है, जबकि साल **2027** तक कॉर्पोरेट अर्निंग्स में **17%** की जोरदार बढ़ोतरी संभव है।
Jefferies की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय इकॉनमी प्राइवेट सेक्टर के बढ़ते कैपिटल खर्च के दम पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी ताकत बैंकों का क्रेडिट ग्रोथ है। अगस्त महीने में कुल बैंक क्रेडिट 19.1% बढ़ा है, जिसमें कॉर्पोरेट लेंडिंग में 21.6% और MSME सेक्टर के लोन में 24.9% की जबरदस्त तेजी देखी गई है।
डिमांड और रियल एस्टेट में सुधार
देश में कंज्यूमर डिमांड का ग्राफ भी ऊपर की ओर है। अगस्त में GST कलेक्शन में 14.8% का इजाफा हुआ है। वहीं, अप्रैल से अगस्त के बीच बिजली की मांग 9.4% बढ़ी है। रियल एस्टेट सेक्टर में भी रिकवरी के संकेत हैं, जहां प्रमुख सात शहरों में घरों की बिक्री में 7% का उछाल आया है।
कच्चे तेल और ब्याज दरों का रिस्क
हालांकि, चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। $106 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा क्रूड ऑयल महंगाई के लिए बड़ा खतरा है, जो एविएशन, पेंट्स और ऑटो कंपनियों के मार्जिन पर असर डाल सकता है।
इन्हीं दबावों को देखते हुए, ब्रोकरेज का मानना है कि Reserve Bank of India साल 2026 के अंत तक रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है, जो फिलहाल 5.25% पर है। निवेशकों को सलाह है कि वे क्रूड ऑयल के दाम और RBI की मॉनेटरी पॉलिसी पर पैनी नजर रखें, क्योंकि ये फैक्टर्स सीधे कंपनी के मुनाफे और बाजार की चाल तय करेंगे।
