Innovation का कमाल: रिसर्च में पैसा लगाने वाली भारतीय कंपनियां मालामाल, निवेशकों को दिया **32.5%** रिटर्न

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AuthorAditya Rao|Published at:
Innovation का कमाल: रिसर्च में पैसा लगाने वाली भारतीय कंपनियां मालामाल, निवेशकों को दिया **32.5%** रिटर्न

भारतीय कंपनियों का एक खास वर्ग जो R&D पर भारी खर्च कर रहा है, उसने बाजार को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों को **32.5%** का CAGR रिटर्न दिया है। NSE 500 के **13.7%** रिटर्न के मुकाबले यह परफॉर्मेंस साबित करती है कि इनोवेशन ही भविष्य में वैल्यू क्रिएशन की चाबी है।

रिसर्च पर दांव लगाने वाली कंपनियों का दबदबा

इन्वेस्टमेंट का नया मंत्र 'इनोवेशन' बन चुका है। अप्रैल 2021 से सितंबर 2026 के बीच, उन 27 सूचीबद्ध कंपनियों ने, जिन्होंने अपनी कुल बिक्री का 2% से ज्यादा हिस्सा रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में लगाया, उन्होंने औसतन 32.5% का रिटर्न दिया। इसकी तुलना में NSE 500 टोटल रिटर्न इंडेक्स महज 13.7% पर ही सिमट गया।

यही नहीं, 130 कंपनियों का वह ग्रुप जिन्होंने अपने रिसर्च बजट को 20% से ज्यादा की CAGR दर से बढ़ाया, उन्होंने भी औसतन 23.5% का शानदार रिटर्न दिया है। बाजार इन कंपनियों को प्रीमियम वैल्यूएशन देता है क्योंकि इनोवेशन उन्हें कमोडिटी और प्राइस वॉर के जोखिम से बचाकर एक स्थिर ग्रोथ पाथ पर ले जाता है।

कॉरपोरेट जगत का 'कंजर्वेटिव' रवैया

हकीकत का दूसरा पहलू यह है कि भारतीय कंपनियों का एक बड़ा हिस्सा अभी भी इनोवेशन से दूर है। 2,000 से अधिक सूचीबद्ध फर्मों में से केवल 28 कंपनियां ऐसी हैं जो अपनी रेवेन्यू का 5% से ज्यादा हिस्सा रिसर्च पर खर्च करती हैं। चिंता की बात यह है कि कुल सेल्स के मुकाबले रिसर्च इंटेंसिटी FY16 के 0.64% से गिरकर FY26 में 0.56% पर आ गई है। कई बोर्ड्स अभी भी भविष्य की टेक्नोलॉजी के बजाय शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट मार्जिन को बचाए रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

भारत के सामने चुनौती

यह सुस्ती सिर्फ कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश का आंकड़ा भी यही कहानी कहता है। FY24 में भारत का कुल R&D खर्च जीडीपी का महज 0.84% रहा है। वैश्विक स्तर पर देखें तो चीन 2.7%, अमेरिका 3.4% और इजरायल 6.8% खर्च कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए सलाह है कि वे कंपनियों के केवल तिमाही नतीजों (Earnings) को ही न देखें, बल्कि यह भी ट्रैक करें कि मैनेजमेंट का फोकस प्रोडक्ट इंप्रूवमेंट और टेक्नोलॉजिकल स्केलिंग पर कितना है। जो कंपनियां आज अपने भविष्य के लिए R&D में पैसा लगा रही हैं, वही कल का मल्टीबैगर बनने की ताकत रखती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.