Brickwork Ratings की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय आईटी सेक्टर FY27 तक **6%** की सालाना दर से बढ़ने की राह पर है। कंपनियां अब पारंपरिक काम से हटकर AI आधारित हाई-वैल्यू सर्विसेज पर फोकस कर रही हैं।
बड़े बदलाव के दौर में आईटी सेक्टर
भारतीय आईटी कंपनियों का बिजनेस मॉडल पूरी तरह से बदलने जा रहा है। अब कंपनियां बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स के बजाय हाई-वैल्यू AI सर्विसेज और डिजिटल सॉल्यूशंस पर अपना ध्यान लगा रही हैं। Brickwork Ratings के मुताबिक, आने वाले सालों में यह शिफ्ट सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ को 6% की रफ्तार देगा।
मार्जिन पर दबाव और सुधार की उम्मीद
फिलहाल, कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। इसकी मुख्य वजह है सालाना सैलरी में बढ़ोतरी और AI एक्सपर्ट्स को हायर करने की भारी-भरकम लागत। हालांकि, ऑटोमेशन और बेहतर रिसोर्स मैनेजमेंट के दम पर मार्जिन में सुधार की उम्मीद है, जिसके FY27 तक 21.8% के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है।
सरकारी राहत और सपोर्ट
सरकार ने भी इस बदलाव को समझते हुए बजट 2026-27 में IT कैटेगरी के लिए 15.5% का कॉमन 'सेफ हार्बर मार्जिन' पेश किया है, जो कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत है। साथ ही, देश भर में 1,700 से ज्यादा Global Capability Centres (GCCs) का विस्तार भी इंडस्ट्री को नई मजबूती दे रहा है।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
निवेशकों को कुछ मोर्चों पर सतर्क रहने की जरूरत है। वेस्ट एशिया में चल रही भू-राजनीतिक अस्थिरता और निफ्टी आईटी (Nifty IT) इंडेक्स में जारी उठा-पटक चिंता का विषय बनी हुई है। इसके अलावा, तेजी से बदलते तकनीकी माहौल में वर्कफोर्स को नए स्किल्स से लैस करना भी एक बड़ी चुनौती है। आने वाले समय में कंपनियों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे मार्जिन को बचाते हुए AI से कितनी कमाई कर पाती हैं।
