Nifty Expiry Day: ग्लोबल राहत पर घरेलू डर भारी? बाजार में दिखेगी बड़ी हलचल!

RESEARCH-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Nifty Expiry Day: ग्लोबल राहत पर घरेलू डर भारी? बाजार में दिखेगी बड़ी हलचल!
Overview

मंगलवार, 19 मई, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में साप्ताहिक निफ्टी एक्सपायरी को लेकर हलचल मची हुई है। एक तरफ जहां भू-राजनीतिक तनाव कम होने और तेल की कीमतों में गिरावट से ग्लोबल मार्केट में तेजी देखी जा रही है, वहीं घरेलू बाजार में सावधानी का माहौल है। इंडिया VIX अभी भी **19.8** के करीब बना हुआ है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

निफ्टी एक्सपायरी पर भारतीय बाजार की नजर

मंगलवार, 19 मई, 2026 को भारतीय शेयर बाजार एक अस्थिर (volatile) सत्र से गुजर रहा है, क्योंकि साप्ताहिक निफ्टी एक्सपायरी ट्रेडिंग को प्रभावित करने के लिए तैयार है। इंडिया VIX, जो बाजार की अपेक्षित अस्थिरता का एक प्रमुख पैमाना है, 19.8 के करीब बना हुआ है। यह दर्शाता है कि हाल के सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बावजूद बाजार में अभी भी सावधानी बनी हुई है। यह ऊंचा VIX दर्शाता है कि ट्रेडर्स एक्सपायरी के आसपास महत्वपूर्ण प्राइस स्विंग्स की उम्मीद कर रहे हैं।

वैश्विक राहत का घरेलू चिंताओं से टकराव

वैश्विक बाजारों में तेजी देखी गई, जिसका मुख्य कारण ईरान को लेकर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई टलने की खबर थी। इससे कच्चे तेल की कीमतों को भी राहत मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 19 मई, 2026 को लगभग $109.30 प्रति बैरल पर आ गया। इस भू-राजनीतिक तनाव में आई कमी ने एशियाई बाजारों जैसे जापान के निक्केई 225 (Nikkei 225) को 0.68% और ऑस्ट्रेलिया के ASX 200 को 1.08% ऊपर चढ़ने में मदद की। हालांकि, इस बाहरी आशावाद के विपरीत घरेलू चिंताएं हावी रहीं। दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स महंगाई की चिंताओं और अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट के कारण 1.20% गिर गया। हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) मिश्रित रहा, जो 0.07% ऊपर था। यह दर्शाता है कि स्टॉक-विशिष्ट प्रदर्शन अब समग्र बाजार दिशा से अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है।

अहम लेवल्स और निवेशकों का फ्लो

निफ्टी 50 का वर्तमान वैल्यूएशन लगभग 20.4 के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो पर है, जो इसके 10-साल के औसत 24.79 से काफी नीचे है। यह बताता है कि जब तक अर्निंग्स (earnings) में वृद्धि नहीं होगी, वैल्यूएशन में विस्तार की गुंजाइश सीमित है। सोमवार को बाजार की मजबूती को संस्थागत खरीदारों (institutional buyers) के महत्वपूर्ण समर्थन से बल मिला। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने ₹2,813.69 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की, और डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने 18 मई, 2026 को ₹2,682.12 करोड़ की खरीदारी की। बाजार में आगे तेजी के लिए लगातार खरीदारी महत्वपूर्ण है। डेरिवेटिव डेटा (derivative data) एक कंसॉलिडेशन (consolidation) फेज का संकेत देता है, जिसमें पुट राइटिंग (put writing) के कारण 23,300 और 23,500 के स्ट्राइक प्राइस के बीच मजबूत सपोर्ट बन रहा है। रेजिस्टेंस (resistance) लगभग 23,800-24,000 के स्तर पर देखा जा रहा है, जहां कॉल राइटर्स (call writers) सक्रिय हैं। 23,800 के ऊपर की क्लोजिंग तेजी का संकेत दे सकती है, जबकि 23,300 से नीचे गिरने पर बिकवाली बढ़ सकती है।

छिपी हुई चिंताएं बनी हुई हैं

भू-राजनीतिक खबरों में नरमी के बावजूद बाजार में अंदरूनी चिंताएं बनी हुई हैं। इंडिया VIX का 19.8 के करीब ऊंचा स्तर दिखाता है कि ट्रेडर्स महत्वपूर्ण अस्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं और ऑप्शंस के लिए उच्च प्रीमियम दे रहे हैं, जो बाजार में छिपे डर को दर्शाता है। बाजार का FII और DII इनफ्लो पर भारी निर्भर होना एक संभावित जोखिम पैदा करता है; इस ट्रेंड में कोई भी बदलाव हाल की बढ़त को जल्दी से उलट सकता है। महंगाई को लेकर वैश्विक चिंताएं, जो बढ़ती ऊर्जा कीमतों और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बॉन्ड यील्ड्स में वृद्धि से प्रेरित हैं, लंबी अवधि का खतरा भी पैदा करती हैं। दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों का कमजोर प्रदर्शन, जो महंगाई की आशंकाओं से प्रेरित था, कहीं और भी ऐसे ही दबाव का संकेत दे सकता है। इसके अतिरिक्त, टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टरों में केंद्रित निवेश संभावित ओवरवैल्यूएशन (overvaluation) और निराशाजनक अर्निंग्स के प्रति संवेदनशीलता के बारे में चिंताएं पैदा करते हैं, जैसा कि अमेरिकी टेक सेक्टर में आई गिरावट से देखा गया जिसने KOSPI को प्रभावित किया।

बाजार का आउटलुक

विश्लेषकों ने सतर्क दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी है, उनका सुझाव है कि यदि निफ्टी 23,400 के ऊपर बना रहता है तो डिप्स (dips) पर खरीदना समझदारी हो सकती है, जिसके संभावित लक्ष्य 23,800-24,000 के आसपास हो सकते हैं। हालांकि, बाजार में व्यापक रैली की तुलना में स्टॉक-विशिष्ट हलचल अधिक देखने की उम्मीद है। अल्पावधि को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में संस्थागत फ्लो (institutional flows), कॉरपोरेट अर्निंग्स और भू-राजनीतिक भावना या वैश्विक आर्थिक डेटा में बदलाव शामिल होंगे। 23,300 के सपोर्ट लेवल से नीचे एक मजबूत ब्रेक वर्तमान ट्रेडिंग रेंज को कमजोर कर सकता है और एक बड़ी करेक्शन का संकेत दे सकता है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.