नतीजों में दिखा 'डबल स्टैंडर्ड'
Motilal Oswal Financial Services का अनुमान है कि Nifty-50 में शामिल कंपनियों का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 10% बढ़ सकता है। इस ग्रोथ में फाइनेंसियल सेक्टर का बड़ा हाथ है, जिसमें NBFCs की लेंडिंग में 30% और प्राइवेट बैंकों के प्रॉफिट में 12% की बढ़ोतरी का अनुमान है। वहीं, मेटल सेक्टर में 27% की शानदार उछाल देखने को मिल सकती है। टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और टेलीकॉम जैसे सेक्टर्स से भी अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, जो कुल अर्निंग ग्रोथ में करीब 80% का योगदान देंगे।
लेकिन, तस्वीर का दूसरा पहलू थोड़ा अलग है। यूटिलिटीज, ऑयल एंड गैस, रियल एस्टेट और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स से बस कुछ प्रतिशत ही ग्रोथ की उम्मीद है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कैपिटल गुड्स (-6%), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-5%) और सीमेंट (-1%) जैसे सेक्टर्स में प्रॉफिट घटने का अनुमान है। इससे साफ है कि कुछ सेक्टर रॉकेट की तरह उड़ रहे हैं, तो कुछ संघर्ष कर रहे हैं।
वैल्यूएशन और ग्लोबल टेंशन का साया
Nifty-50 इंडेक्स इस वक्त अपने फॉरवर्ड पी/ई (Forward P/E) के 20.4x के मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो ग्लोबल एवरेज 15.1x से काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि भारतीय शेयर बाजार महंगा हो चुका है। बैंकिंग सेक्टर का एवरेज पी/ई 14.1x के आसपास है, लेकिन बड़े प्राइवेट बैंक जैसे ICICI Bank 22.5x पर ट्रेड कर रहे हैं। ऑटो सेक्टर का पी/ई 31.3x के पार है, जिसे कई एनालिस्ट्स महंगा मान रहे हैं। कैपिटल गुड्स सेक्टर का पी/ई तो 55.4x के खतरनाक स्तर पर है।
ऊपर से, ग्लोबल टेंशन और महंगाई का डर भी बना हुआ है। RBI ने रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा है। मार्च 2026 में महंगाई दर 3.4% थी, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से यह 4.0% के पार जा सकती है।
अनुमानों में कटौती, बढ़ी चिंता
इन सबके बीच, कई सेक्टर्स के लिए अर्निंग अनुमानों (EPS Estimates) में कटौती की गई है। Motilal Oswal ने FY26, FY27 और FY28 के लिए Nifty EPS अनुमानों को कम कर दिया है। ऑटोमोबाइल, कैपिटल गुड्स, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और यूटिलिटीज जैसे सेक्टर्स में चुनौतियां देखी जा रही हैं। यह दिखाता है कि फाइनेंसियल सेक्टर की चमक कहीं न कहीं बाकी सेक्टरों की कमजोरी को छिपा रही है।
आगे की राह: गाइडेंस पर सबकी नजर
Motilal Oswal का अनुमान है कि FY26 में कवर की गई कंपनियों का प्रॉफिट 13% बढ़ेगा, जो FY27 में 14% और FY28 में 18% हो सकता है। Nifty-50 के लिए यह ग्रोथ FY26 में 6%, FY27 में 17% और FY28 में 15% रहने का अनुमान है।
बाजार का सामान्य अनुमान Q4 FY26 के लिए Nifty-50 प्रॉफिट ग्रोथ 4% के आसपास है, जो पिछले क्वार्टर के 10% से काफी कम है। ऐसे में, अगले कुछ क्वार्टरों में निवेशक उन कंपनियों को ज्यादा पसंद करेंगे जो स्थिर प्रॉफिट मार्जिन दिखाएं और FY27 के लिए पॉजिटिव आउटलुक दें। ग्लोबल टेंशन और बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह और भी जरूरी हो जाता है।