Goldman Sachs की चेतावनी: US Stocks में और बिकवाली का खतरा, गिरेगा बाजार?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Goldman Sachs की चेतावनी: US Stocks में और बिकवाली का खतरा, गिरेगा बाजार?
Overview

US Stocks के निवेशकों के लिए Goldman Sachs की ओर से एक बड़ी चेतावनी आई है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि इस हफ्ते अमेरिकी शेयरों में और बिकवाली का दबाव (selling pressure) देखा जा सकता है। कम Liquidity और कुछ खास फंड्स की बिकवाली इस गिरावट को और बढ़ा सकती है।

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बिकवाली का मुख्य कारण: CTA फंड्स और कम Liquidity

Goldman Sachs के ट्रेडिंग डेस्क का मानना है कि Commodity Trading Advisers (CTA) जैसे सिस्टेमैटिक फंड्स, जो मार्केट की चाल के हिसाब से ट्रेड करते हैं, इस हफ्ते भी बिकवाल बने रह सकते हैं।

S&P 500 इंडेक्स पहले ही एक ऐसे लेवल को पार कर चुका है, जिसने इनकी बिकवाली को ट्रिगर किया है। Goldman के अनुमान के मुताबिक, अगर यह बिकवाली बढ़ी तो इस हफ्ते करीब $33 बिलियन तक की बिकवाली हो सकती है। अगर S&P 500 6,707 के स्तर से नीचे जाता है, तो अगले महीने सिस्टमैटिक बिकवाली $80 बिलियन तक पहुंच सकती है। अगर बाजार सपाट भी रहता है, तो CTAs करीब $15.4 बिलियन के US इक्विटी बेच सकते हैं, और अगर शेयर बढ़ते हैं तो $8.7 बिलियन बिक सकते हैं।

Liquidity की कमी और 'शॉर्ट गामा' का असर

बाजार में उथल-पुथल को बढ़ाने वाली एक और वजह है Liquidity का कम होना। 'शॉर्ट गामा' (short gamma) पोजिशनिंग भी इस स्थिति को और गंभीर बना रही है। ऑप्शन डीलर्स अपनी पोजीशन को रीबैलेंस करने के लिए बाजार के बढ़ने पर खरीदते हैं और गिरने पर बेचते हैं। जब ट्रेडिंग की गहराई (depth) कम होती है, तो यह डायनामिक और ज्यादा असर डालता है। S&P 500 में टॉप-ऑफ-बुक Liquidity जो साल की शुरुआत में औसतन $13.7 मिलियन थी, अब घटकर करीब $4.1 मिलियन रह गई है। इस कमी की वजह से जोखिम का तेजी से ट्रांसफर (transfer) मुश्किल हो जाता है, जिससे दिन के दौरान ज्यादा वोलेटाइल ट्रेडिंग (volatile trading) और प्राइस स्टैबिलाइजेशन (price stabilization) में देरी होती है, जैसा कि Goldman की टीम ने बताया।

Investor Sentiment और AI का प्रभाव

मार्केट में चल रहे तनाव (stresses) की बात करें तो, Investor Sentiment भी एक अहम फैक्टर है। फर्म का 'Panic Index' पिछले हफ्ते 'मैक्स फियर' (max fear) के स्तर के करीब पहुंच गया था। यह तनाव फरवरी के पहले हफ्ते की वोलेटाइल ट्रेडिंग के बाद आया है, जो Anthropic PBC के नए AI ऑटोमेशन टूल के लॉन्च से भी जुड़ा है। इस टूल ने सॉफ्टवेयर, फाइनेंसियल सर्विसेज और एसेट मैनेजमेंट स्टॉक्स में वैल्यू को काफी कम कर दिया, क्योंकि निवेशकों ने नए तरह के डिसरप्शन (disruption) के रिस्क का फिर से आकलन किया।

फरवरी का पैटर्न और रिटेल निवेशकों की थकान

इन दबावों के अलावा, फरवरी का महीना ऐतिहासिक रूप से S&P 500 और Nasdaq 100 जैसे बड़े इंडेक्स (indices) के लिए थोड़ा कमजोर और ज्यादा वोलेटाइल रहता है, क्योंकि जनवरी का सपोर्टिव फ्लो (supportive flow) खत्म हो जाता है। Retail Investors के व्यवहार में भी थकान के संकेत दिख रहे हैं। हाल के सेलिंग इम्बैलेंस (selling imbalances) बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में 'डिप-बाइंग' (dip-buying) की भूख कम हो गई है। खासकर क्रिप्टोकरेंसी और उनसे जुड़े स्टॉक्स में किए गए पॉपुलर रिटेल ट्रेड्स (popular retail trades) में भारी गिरावट आई है, जो 2023 के ट्रेडिंग पैटर्न से बड़े बदलाव का इशारा दे सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.