Goldman Sachs का बड़ा दावा: एशियाई बाजारों में आ सकती है **26%** की तूफानी तेजी, Tech सेक्टर बनेगा इंजन

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AuthorNeha Patil|Published at:
Goldman Sachs का बड़ा दावा: एशियाई बाजारों में आ सकती है **26%** की तूफानी तेजी, Tech सेक्टर बनेगा इंजन

Goldman Sachs ने MSCI AC Asia Pacific ex-Japan इंडेक्स पर बड़ा दांव लगाया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि टेक सेक्टर, खासकर मेमोरी चिप्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बदौलत एशियाई बाजारों में **26%** तक का दमदार रिटर्न मिल सकता है।

टेक सेक्टर का 'सुपरसाइकिल'

Goldman Sachs का मानना है कि एशियाई बाजार एक दशक की सुस्ती से बाहर निकल रहे हैं। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ 'सेमीकंडक्टर मेमोरी सुपरसाइकिल' का है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि 2030 तक DRAM और NAND चिप्स की भारी मांग बनी रहेगी, क्योंकि ग्लोबल 'हाइपरस्केलर्स' यानी बड़ी टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर जमकर पैसा खर्च कर रही हैं। यह निवेश अगले 4 सालों तक इसी रफ्तार से जारी रहने की उम्मीद है, जिससे चिप बनाने वाली कंपनियों की कमाई में जबरदस्त उछाल आएगा।

किन देशों पर है नजर?

ब्रोकरेज ने नॉर्थ एशियन बाजारों—खासकर साउथ कोरिया, ताइवान और जापान—को लेकर 'Overweight' रुख अपनाया है। ये देश ग्लोबल हार्डवेयर सप्लाई चेन की रीढ़ हैं और टेक निवेश के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। फर्म ने KOSPI (कोरिया कंपोजिट स्टॉक प्राइस इंडेक्स) के लिए 12,000 का 12 महीने का टारगेट प्राइस तय किया है, जो इस सेक्टर के भविष्य पर उनके भरोसे को दिखाता है।

निवेश में छिपे खतरे

बाजार में उत्साह के साथ-साथ कुछ चेतावनियां भी हैं। Goldman Sachs ने 'मार्केट कंसंट्रेशन' यानी कुछ चुनिंदा टेक कंपनियों पर अत्यधिक निर्भरता को जोखिम बताया है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता भी निवेशकों की टेंशन बढ़ा सकते हैं। अगर AI पर होने वाले खर्च में कमी आती है, तो यह ग्रोथ स्टोरी पटरी से उतर सकती है। ऐसे में चिप कंपनियों के रिजल्ट्स और ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च पर नजर रखना बेहद जरूरी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.