Goldman Sachs की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय AI स्टार्टअप्स अगले **5** सालों में शेयर बाजार में **$100 बिलियन** तक का नया मार्केट कैप जोड़ सकते हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर से आगे बढ़ रहा है बाजार
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में AI का मतलब केवल पावर जनरेशन, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियां हैं। इस मौजूदा सेक्टर का कुल मार्केट कैप करीब $670 बिलियन है। हालांकि, ये कंपनियां AI की सिर्फ एक छोटी सी नींव हैं, जबकि असली AI क्रांति सॉफ्टवेयर, हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स और बिजनेस एप्लीकेशंस में छिपी है।
नई लहर की तैयारी
गोल्डमैन सैक्स ने 84 ऐसी मिड-टू-लेट-स्टेज प्राइवेट AI कंपनियों की पहचान की है, जो शेयर बाजार में लिस्ट होने की क्षमता रखती हैं। रिपोर्ट का अनुमान है कि इनमें से 25% से 50% कंपनियां अगले 2 से 5 सालों के भीतर पब्लिक मार्केट में एंट्री कर सकती हैं। यह बदलाव निवेशकों को उन कंपनियों के शेयर खरीदने का मौका देगा जो सीधे एंड-यूजर से जुड़ी हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
नई उम्र की इन टेक कंपनियों के IPO में पैसा लगाने से पहले निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी। अक्सर प्राइवेट कंपनियों का वैल्यूएशन लिस्टिंग के समय ग्रोथ के दावों पर आधारित होता है, न कि मुनाफे पर। बाजार में आने वाले समय में आपको यह परखना होगा कि कौन सी कंपनी सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल पर काम कर रही है और कौन सिर्फ हाइप (Hype) का शिकार है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ये स्टार्टअप्स अपने ड्राफ्ट पेपर मार्केट रेगुलेटर के पास कब जमा करते हैं।
