RBI की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग से पहले बाजार में हलचल है। Refinitiv के डेटा के अनुसार, 5 लार्ज और मिड-कैप शेयरों के Quantitative Scores में सुधार हुआ है, जो उतार-चढ़ाव भरे बाजार में इनकी मजबूती को दर्शाते हैं।
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल काफी सतर्क है, क्योंकि निवेशकों की नजरें 5 से 7 अक्टूबर के बीच होने वाली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक पर टिकी हैं। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच, बाजार उन कंपनियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है जो चुनौतीपूर्ण माहौल में भी अपना ऑपरेशनल स्ट्रेंथ बनाए रखने में सक्षम हैं।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन
Refinitiv के 'Stock Reports Plus' डेटा के अनुसार, 5 कंपनियों के क्वांटिटेटिव स्कोर में उछाल आया है:
- Natco Pharma: कंपनी के अर्निंग्स स्कोर में सुधार हुआ है। हालांकि पहली तिमाही में रेवेन्यू में 43% की गिरावट आई, लेकिन कंपनी ने अपना प्रॉफिट मार्जिन 30.9% तक बढ़ाने में कामयाबी हासिल की। इसके पास लगभग ₹3,000 करोड़ का नेट कैश बैलेंस है, जो इसे मार्केट की अस्थिरता से लड़ने का कुशन देता है।
- Tata Power और Torrent Power: यूटिलिटी सेक्टर की इन दोनों कंपनियों ने प्राइस मोमेंटम और अर्निंग्स स्कोर में शानदार प्रदर्शन किया है। Torrent Power अपने बेहतर गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स के कारण निवेशकों के रडार पर है।
- Alembic Pharmaceuticals: इस स्टॉक में मोमेंटम और वैल्यूएशन के दम पर मजबूती देखी गई, और 5 अक्टूबर, 2026 को इसमें 2.44% की तेजी रही।
- State Bank of India (SBI): बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते रुझान के चलते SBI के एवरेज स्कोर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
बाजार फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड के प्रति काफी संवेदनशील है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला क्वार्टरली अर्निंग्स सीजन कंपनियों के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी, क्योंकि इसमें बढ़ती कच्चे माल की लागत और ग्रामीण मांग पर मॉनसून का असर साफ दिखाई देगा। RBI की ब्याज दरों पर टिप्पणी और आगे का आउटलुक इस समय किसी भी फैसले के लिए सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर साबित होगा।
