First Global की फाउंडर Devina Mehra ने भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी के संकेत दिए हैं। उन्होंने अगले **2** साल के लिए बेहतर रिटर्न की उम्मीद जताई है और निवेशकों को पोर्टफोलियो में **30-40%** ग्लोबल एसेट रखने की सलाह दी है।
बाजार की सुस्ती खत्म होने के संकेत
पिछले 2 सालों से भारतीय बाजार में सुस्ती का माहौल है, जहां Sensex और Nifty 50 में क्रमशः 7% और 6% की गिरावट देखी गई है। हालांकि, First Global की फाउंडर और CMD Devina Mehra का मानना है कि अब रिकवरी का समय आ गया है। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, 2 साल की स्थिरता के बाद बाजार में औसतन 25% तक का रिटर्न देखने को मिला है, जो कभी-कभी 5% से 55% तक भी जा सकता है।
ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन क्यों है जरूरी?
Mehra का मानना है कि भारतीय बाजार का ग्लोबल मार्केट कैप में 3% से भी कम योगदान है। ऐसे में सिर्फ घरेलू बाजार पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। रुपए की गिरती कीमत से बचने के लिए उन्होंने निवेशकों को अपने कुल पोर्टफोलियो का 30% से 40% हिस्सा इंटरनेशनल एसेट्स में लगाने की सलाह दी है, ताकि परचेजिंग पावर को सुरक्षित रखा जा सके।
AI बबल पर बड़ी चेतावनी
बाजार को लेकर सकारात्मक रुख रखने के बावजूद, Mehra ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में चल रहे मौजूदा निवेश के क्रेज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे एक 'बबल' करार देते हुए कहा कि AI कंपनियों के वैल्युएशन फंडामेंटल से काफी ज्यादा हो गए हैं। उन्होंने SpaceX का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि ऐसे निवेशों में निवेशकों के पास अक्सर वोटिंग जैसे जरूरी अधिकार भी नहीं होते। उन्होंने आगाह किया कि यदि AI ट्रेंड में करेक्शन आया, तो आने वाले 1 से 2 साल में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
