शेयर बाजार के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से बिकवाली कर रहे विदेशी निवेशकों (FIIs) ने अपना रुख बदला है और **5 नवंबर** को भारतीय बाजार में रिकॉर्ड **₹14,975 करोड़** डाले हैं।
लंबे समय से जारी बिकवाली के दौर के बाद, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय इक्विटी मार्केट में अपनी अब तक की सबसे बड़ी वापसी की है। यह पिछले लगभग 6 साल में किसी एक दिन का सबसे बड़ा नेट परचेज आंकड़ा है। इस भारी निवेश के पीछे मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलाव हैं, जहां निवेशक अब हाई-वैल्यूएशन वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शेयरों से पैसा निकालकर उभरते हुए बाजारों जैसे भारत का रुख कर रहे हैं।\n\n### मार्केट में आई तूफानी तेजी\n\nइस बड़े निवेश का असर सीधे तौर पर इंडेक्स पर दिखा है। Nifty 50 और Sensex में लगातार 6 सत्रों से तेजी देखी जा रही है, और इस दौरान बाजार में 8% से ज्यादा का उछाल आया है। यह रिकवरी सितंबर 2024 के बाद आई गिरावट की भरपाई करने में काफी मददगार साबित हुई है।\n\n### डोमेस्टिक निवेशकों का अलग स्टैंड\n\nबाजार में एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिली है। जहां विदेशी निवेशक जमकर खरीदारी कर रहे थे, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस तेजी का फायदा उठाकर ₹10,445 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। ऐसा लगता है कि डोमेस्टिक प्लेयर्स प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जबकि विदेशी फंड भारतीय कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं।\n\n### क्या यह तेजी टिकेगी?\n\nबाजार के एक्सपर्ट्स अभी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। हालांकि ₹14,975 करोड़ का यह आंकड़ा उत्साहजनक है, लेकिन इसका टिकाऊ होना क्रूड ऑयल की कीमतों और वैश्विक तकनीकी शेयरों की स्थिरता पर निर्भर करेगा। हालिया तेजी के बाद कई सेक्टरों में वैल्यूएशन महंगे हो गए हैं, इसलिए आने वाले दिनों में इंडेक्स के बजाय चुनिंदा शेयरों पर नजर रखना निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
