DSP Mutual Fund की नई 'Netra' रिपोर्ट के अनुसार, Nifty 50 के वैल्यूएशन अब सही स्तर पर आ गए हैं, जिससे लार्ज-कैप शेयर निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प बन रहे हैं। हालांकि, मिड और स्मॉल-कैप अभी भी महंगे बने हुए हैं।
लार्ज-कैप में आया वैल्युएशन रिसेट
DSP Mutual Fund की अक्टूबर 2026 की 'Netra' रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय बाजार में वैल्यूएशन के मोर्चे पर बड़ा बदलाव आया है। Nifty 50 में 'टाइम करेक्शन' देखने को मिला है, जहां इंडेक्स एक दायरे में रहा है जबकि कंपनियों का मुनाफा बढ़ा है। इसका नतीजा यह हुआ है कि Nifty 50 का ट्रेलिंग P/E रेशियो घटकर करीब 19.5x पर आ गया है, जो अब निवेश के लिहाज से काफी उचित लग रहा है।
स्मॉल-कैप और मिड-कैप में सतर्कता जरूरी
रिपोर्ट में स्मॉल-कैप और मिड-कैप सेगमेंट को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ये सेगमेंट अभी भी 30x से 40x के P/E मल्टीपल पर कारोबार कर रहे हैं, जो बिना किसी सुरक्षा घेरे (Margin of Safety) के काफी महंगे हैं। अगर मार्केट सेंटीमेंट बिगड़ता है, तो इनमें तेजी से गिरावट (Mean Reversion) देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए अहम सलाह
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच DSP ने निवेशकों को 'SIP स्टॉपेज रिस्क' और 'विड्रॉल रिस्क' के प्रति आगाह किया है। घबराहट में निवेश रोकने या पैसे निकालने से लॉन्ग-टर्म रिटर्न को भारी नुकसान हो सकता है। फिलहाल, लंपसम (Lump-sum) निवेश के बजाय अनुशासित और सिस्टेमैटिक निवेश की रणनीति अपनाना ही समझदारी है।
मैक्रो लेवल पर देखें तो घरेलू महंगाई अभी नियंत्रण में है, हालांकि ग्लोबल ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बॉन्ड यील्ड को प्रभावित कर रहा है। आने वाले समय में कॉरपोरेट अर्निंग्स की रफ्तार यह तय करेगी कि लार्ज-कैप का यह वैल्युएशन रिसेट आगे भी टिकाऊ रहता है या नहीं।
