Choice International के CEO अरुण पोद्दार का मानना है कि डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले समय में इकोनॉमी के मुख्य इंजन होंगे। हालांकि, उन्होंने IT सेक्टर को लेकर चेतावनी दी है कि अगले **2 साल** तक इस क्षेत्र पर दबाव बना रह सकता है।
ग्रोथ के नए इंजन: डिफेंस और इंफ्रा
Choice International के CEO अरुण पोद्दार ने भारतीय बाजार के लिए एक बुलिश आउटलुक पेश किया है। उनके अनुसार, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिलेगी। पोद्दार ने Larsen & Toubro और NCC का उदाहरण देते हुए कहा कि जो कंपनियां खाड़ी देशों और मिडिल ईस्ट में अपना काम फैला रही हैं, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे इन कंपनियों के ऑर्डर बुक और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स को ध्यान में रखें।
FMCG सेक्टर में स्थिरता
FMCG सेक्टर को लेकर भी उम्मीदें बरकरार हैं। बढ़ती क्रय शक्ति (Purchasing Power) और डिस्पोजेबल इनकम में सुधार के चलते कंजम्पशन साइकिल मजबूत बनी हुई है, जो इस सेक्टर को सहारा दे रही है।
IT सेक्टर के लिए मुश्किल का दौर
अरुण पोद्दार ने IT इंडस्ट्री को लेकर निवेशकों को सतर्क किया है। उनका कहना है कि AI की बढ़ती मांग के बीच ट्रेडिशनल सर्विस मॉडल अब पिछड़ रहे हैं। भारतीय IT प्रोवाइडर्स को खुद को बदलने में समय लग सकता है, जिसके चलते अगले 1 से 2 साल तक इनके मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।
फार्मा सेक्टर पर ग्लोबल ट्रेड का असर
मैक्रो लेवल पर बात करें तो फार्मा सेक्टर पर भी नजर रखने की जरूरत है। अमेरिका की बदलती ट्रेड पॉलिसीज और टैरिफ में बदलाव का सीधा असर फार्मा कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है। आने वाले समय में ये कंपनियां इन ट्रेड चुनौतियों को कैसे संभालती हैं, यही उनकी परफॉर्मेंस तय करेगा।
