Axis Securities ने भारतीय कंपनियों की अर्निंग्स पर भरोसा जताते हुए दिसंबर 2026 तक Nifty का टारगेट **27,360** तय किया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमतों में **$129** प्रति बैरल तक की उछाल कॉरपोरेट मुनाफे के लिए बड़ा रिस्क बन सकती है।
बाजार की मजबूती और ब्याज दरें
Axis Securities के मुताबिक, भारतीय कंपनियों का अर्निंग्स ग्रोथ ट्रैक काफी मजबूत है। ब्रोकरेज फर्म ने FY23 से FY28 के बीच Nifty अर्निंग्स में 13% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का अनुमान लगाया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट्स में 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करता भी है, तो बाजार इसे आसानी से झेल लेगा क्योंकि बॉन्ड मार्केट में इसका असर पहले ही शामिल हो चुका है।
कच्चे तेल की बढ़ती चिंताओं का साया
अब निवेशकों की नजर ब्याज दरों से हटकर एनर्जी मार्केट की अस्थिरता पर है। मिड-सितंबर 2026 तक भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत बढ़कर $128.70 प्रति बैरल तक पहुंच गई है। जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण बढ़ी ये कीमतें एविएशन, पेंट्स, टायर और पेट्रोकेमिकल्स जैसे सेक्टर्स के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती हैं।
मार्जिन पर दवाब और मिड-कैप स्टॉक्स
ऊंची इनपुट कॉस्ट कंपनियों के लिए बड़ा हर्डल साबित हो रही है। यदि ये कीमतें लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो मुनाफे के अनुमानों में कटौती हो सकती है। इसके साथ ही, मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स भी अब दबाव में हैं। जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन के बाद इनकी वैल्यूएशंस काफी हाई हैं, जिसके कारण अब निवेशकों को अगली तिमाहियों में कंपनियों के प्रदर्शन पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। अगर ये कंपनियां मुनाफे के दबाव को मैनेज नहीं कर पाईं, तो इनमें भारी करेक्शन देखने को मिल सकता है।
