ग्लोबल मार्केट में टैरिफ (Tariff) की चर्चाओं से मची अफरा-तफरी के बीच मार्केट एक्सपर्ट्स ने 12 ऐसे लार्ज और मिड-कैप स्टॉक्स की पहचान की है, जिनमें तगड़ा ग्रोथ पोटेंशियल है। यह लिस्ट शॉर्ट-टर्म मार्केट शोर को दरकिनार कर फंडामेंटल मजबूती पर आधारित है।
ग्लोबल मार्केट में ट्रेड-टैरिफ की अनिश्चितता का असर अब निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। इस माहौल में मार्केट एक्सपर्ट्स ने 12 ऐसे लार्ज और मिड-कैप शेयरों पर दांव लगाने की सलाह दी है, जो शॉर्ट-टर्म शोर के बजाय अपनी मजबूत अर्निंग्स के दम पर लंबी रेस के घोड़े साबित हो सकते हैं।
सिलेक्शन का क्वांटिटेटिव तरीका
इन स्टॉक्स को चुनने के लिए एक्सपर्ट्स ने एक खास क्वांटिटेटिव फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसके तहत 5 प्रमुख पैमानों पर कंपनियों को परखा गया है: अर्निंग्स परफॉर्मेंस, प्राइस मोमेंटम, फंडामेंटल स्ट्रेंथ, रिस्क लेवल और रिलेटिव वैल्यूएशन। जानकारों का कहना है कि जो कंपनियां इन सख्त बेंचमार्क्स पर खरी नहीं उतरीं, उनमें हाल के दिनों में भारी बिकवाली देखी गई है। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल टेंपरेरी रैली के झांसे में न आएं, बल्कि असली बिजनेस ग्रोथ वाली कंपनियों को पहचानें।
किन सेक्टर्स पर रहेगी नजर?
एनालिस्ट्स ने मुख्य रूप से 4 सेक्टर्स पर फोकस करने की बात कही है, जो आने वाले समय में बाजार के साइकिल का फायदा उठा सकते हैं:
- रिटेल बैंकिंग (Retail Banking)
- लॉजिस्टिक्स (Logistics)
- पावर जनरेशन (Power Generation)
- कंज्यूमर गुड्स (Consumer Goods)
इन सेक्टर्स की खासियत यह है कि ये कठिन आर्थिक दौर में भी अपनी मार्जिन को बचाए रखने में सक्षम हैं। उदाहरण के तौर पर, लॉजिस्टिक्स कंपनियां जहां ट्रेड फ्लो से सीधे प्रभावित होती हैं, वहीं पावर जनरेशन कंपनियां लंबे समय के कैपिटल स्टेबिलिटी के लिए जानी जाती हैं।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी सीख यह है कि गिरते हुए शेयरों को एवरेज (Average) करने के बजाय, ऐसे रेजिलिएंट सेक्टर्स में डायवर्सिफिकेशन करें जो अर्निंग्स एक्सपेंशन दिखा रहे हैं। बाजार की डेली हलचल के बजाय फंडामेंटल इंडिकेटर्स पर नजर रखना ही इस समय सबसे समझदारी भरा कदम होगा।
