thyssenkrupp nucera: भारत में बड़ा सौदा, पर कंपनी पर मंडरा रहा आर्थिक संकट!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
thyssenkrupp nucera: भारत में बड़ा सौदा, पर कंपनी पर मंडरा रहा आर्थिक संकट!
Overview

जर्मन कंपनी thyssenkrupp nucera India ने Juno Joule Green Energy के साथ मिलकर भारत में **260 मेगावाट** के ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते ग्रीन एनर्जी सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाएगा, लेकिन यह ऐसे समय पर आया है जब कंपनी बढ़ती प्रोजेक्ट कॉस्ट और घटते सेल्स फोरकास्ट (Sales Forecast) जैसी वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है।

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भारत में मिला बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट, पर मुश्किलों में thyssenkrupp nucera

thyssenkrupp nucera India और Juno Joule Green Energy के बीच हुआ यह समझौता, भारत में 260 मेगावाट की क्षमता वाले ग्रीन हाइड्रोजन फैसिलिटी (Facility) के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह डील कंपनी के लिए भारत के ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में पहला बड़ा कदम है। यह एग्रीमेंट (Agreement) फ्रंट-एंड इंजीनियरिंग एंड डिजाइन (FEED) स्टडी के लिए है, जो भविष्य के इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और फैब्रिकेशन (EPF) कॉन्ट्रैक्ट्स (Contracts) का आधार बनेगा।

यह प्रोजेक्ट ऐसे समय में आया है जब thyssenkrupp nucera खुद बढ़ती लागतों (Costs) से जूझ रही है और उसने अपने पूरे साल के सेल्स (Sales) और अर्निंग्स (Earnings) के अनुमानों को भी कम कर दिया है। कंपनी ने 2025-26 के लिए सेल्स का अनुमान घटाकर €450-€550 मिलियन कर दिया है, और EBIT लॉस (Loss) €80-€30 मिलियन रहने की उम्मीद जताई है। इन रिवाइज्ड अनुमानों की वजह प्रोजेक्ट की बढ़ी हुई लागतें और अमेरिका में एक पायलट प्लांट कॉन्ट्रैक्ट का कैंसिल (Cancel) होना है। कंपनी का शेयर हाल ही में करीब €8.30 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे उसकी वैल्यूएशन (Valuation) €1.15 बिलियन थी।

भारत का ग्रीन हाइड्रोजन पर ज़ोर

भारत सरकार ने जनवरी 2023 में ₹19,744 करोड़ के बजट और 2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन सालाना ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लक्ष्य के साथ नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) लॉन्च किया है। 'स्ट्रैटेजिक इंटरवेंशन्स फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन (SIGHT)' जैसी स्कीमें इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग (Electrolyser Manufacturing) और प्रोडक्शन इंसेंटिव्स (Incentives) के लिए ₹4,440 करोड़ आवंटित करती हैं। इस पॉलिसी सपोर्ट (Policy Support) से Reliance, Adani, और L&T जैसी भारतीय कंपनियां इस सेक्टर में भारी निवेश कर रही हैं। Juno Joule, जो सितंबर 2024 में बनी है, thyssenkrupp nucera और KBR जैसे ग्लोबल प्लेयर्स के साथ मिलकर ग्रीन अमोनिया और हाइड्रोजन एक्सपोर्ट फैसिलिटी बनाने की योजना बना रही है। इसका मकसद भारत की रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) क्षमता का फायदा उठाकर 2030 तक ग्रीन हाइड्रोजन की लागत को $1.50-$2.00/kg तक लाना है। thyssenkrupp nucera ने अक्टूबर 2023 में मुंबई में अपना इंडिया ऑफिस खोला था।

thyssenkrupp nucera के लिए क्या हैं जोखिम?

भारत प्रोजेक्ट रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होने के बावजूद, thyssenkrupp nucera कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी के Q1 2025-26 के नतीजों में पिछले साल की तुलना में सेल्स में 44% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे EBIT नेगेटिव (Negative) रहा। साल के लिए घटाया गया आउटलुक (Outlook), बढ़ी हुई प्रोजेक्ट कॉस्ट और कैंसिल हुए US कॉन्ट्रैक्ट ने ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में एग्जीक्यूशन (Execution) की मुश्किलों को उजागर किया है। ऐसे में कंपनी को अब बड़ा EBIT लॉस होने की उम्मीद है। इन मार्केट कंडीशंस (Market Conditions) और लागतों की हकीकत के कारण निवेशक ग्रीन हाइड्रोजन में निवेश को लेकर सतर्क हैं। साथ ही, कंपनी का trailing twelve-month P/E ratio लगभग 113 और forward P/E लगभग 350 है, जो बहुत ज्यादा ग्रोथ की उम्मीदें दिखाता है, जिन पर एग्जीक्यूशन की समस्याओं या देरी से खतरा मंडरा सकता है। FEED स्टडी हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे फुल EPF कॉन्ट्रैक्ट में बदलना और फाइनेंशियल ईयर 2026-27 तक फाइनल इन्वेस्टमेंट डिसीजन (FID) तक पहुंचना काफी बड़ा फाइनेंशियल और ऑपरेशनल जोखिम रखता है।

आगे क्या और क्या है उम्मीद?

FEED फेज के बाद, thyssenkrupp nucera और Juno Joule फुल EPF कॉन्ट्रैक्ट का मूल्यांकन करेंगे, जिसका लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2026-27 तक FID तक पहुंचना है। यह प्रोजेक्ट भारत को एक लीडिंग ग्रीन हाइड्रोजन हब बनाने और अर्थव्यवस्था में क्लीनर फ्यूल (Cleaner Fuel) को शामिल करने के लक्ष्य को सपोर्ट करता है। भले ही मार्केट में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन लागतों और एग्जीक्यूशन को मैनेज करने में thyssenkrupp nucera की सफलता इन अवसरों का लाभ उठाने और एनालिस्ट्स (Analysts) के औसत प्राइस टारगेट (Price Target) €10.89 को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.