वित्त मंत्रालय की व्यय वित्त समिति ने छोटी जलविद्युत परियोजनाओं के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की राशि आवंटित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। यह धन क्षेत्र में महत्वपूर्ण विस्तार का मार्ग प्रशस्त करने के लिए महत्वपूर्ण सरकारी वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए है।\n\nइस वित्तीय बढ़ावा से भारत को अगले दस वर्षों में अपनी स्थापित जलविद्युत क्षमता को दोगुना करके 10 गीगावाट तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। योजना 25 मेगावाट तक की क्षमता वाली जलविद्युत परियोजनाओं को लक्षित करती है, जो वर्तमान में देश भर में 5 गीगावाट से थोड़ी अधिक परिचालन क्षमता का प्रतिनिधित्व करती हैं। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) इस योजना पर कैबिनेट की मंजूरी के लिए एक नोट तैयार करेगा।\n\nछोटी जलविद्युत परियोजनाएं, जो अक्सर नहर-आधारित या रन-ऑफ-रिवर प्रणालियां होती हैं, कम भूमि की आवश्यकता होती है, उनके जीवनकाल लंबे होते हैं, और महत्वपूर्ण पर्यावरणीय लाभ प्रदान करती हैं। वे बड़ी परियोजनाओं की तुलना में वनों की कटाई और सामुदायिक विस्थापन को कम करती हैं। इसके अलावा, उनका परिचालन लचीलापन उन्हें त्वरित क्षमता वृद्धि के रूप में कार्य करने और स्थानीय मांग को पूरा करने की अनुमति देता है, जिससे पारेषण हानियों (transmission losses) को कम किया जा सकता है। उद्योग के कार्यकारी नोट करते हैं कि ये परियोजनाएं पूंजी-गहन (capital-intensive) हैं और निर्माण के दौरान चरणबद्ध सहायता से लाभान्वित होती हैं।
छोटे जलविद्युत परियोजनाओं के लिए ₹2,500 करोड़ की मंजूरी, 10 GW भारतीय क्षमता का लक्ष्य।
RENEWABLES
Overview
भारत के वित्त मंत्रालय ने 25 मेगावाट (MW) तक की छोटी जलविद्युत परियोजनाओं के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ के वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। इस पहल का उद्देश्य अगले दशक में देश की स्थापित जलविद्युत क्षमता को दोगुना करके 10 गीगावाट (GW) तक पहुंचाना है। डेवलपर्स को बेंचमार्क लागत का 20-30% केंद्रीय वित्तीय सहायता मिल सकती है। छोटी जलविद्युत परियोजनाओं के पर्यावरणीय लाभ होते हैं, कम भूमि की आवश्यकता होती है, और परिचालन में लचीलापन प्रदान करती हैं।
Disclaimer:This content
is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or
trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a
SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance
does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some
content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views
expressed do not reflect the publication’s editorial stance.