Websol Energy System Limited के शेयरों में आज निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जो 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। इस तूफानी तेजी की मुख्य वजह कंपनी के धमाकेदार Q4 FY26 नतीजे और Topcon टेक्नोलॉजी में अपग्रेड की घोषणा है।
दमदार नतीजे और बढ़ा ऑर्डर बुक
कंपनी ने मार्च तिमाही (Q4 FY26) में 132.1% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹401 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹173 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट में 157.9% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹125 करोड़ पर पहुंच गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो रेवेन्यू 82.4% बढ़कर ₹1,049 करोड़ हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट दोगुना से ज्यादा होकर ₹303 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि 31 मार्च, 2026 तक उसके पास ₹1,161 करोड़ का तगड़ा ऑर्डर बुक भी है, जो भविष्य के रेवेन्यू की मजबूत तस्वीर पेश करता है।
Topcon टेक्नोलॉजी में अपग्रेड और भविष्य की योजना
Websol Energy अपनी मोनो PERC सेल मैन्युफैक्चरिंग लाइन को आधुनिक Topcon टेक्नोलॉजी में अपग्रेड कर रही है। इस महत्वपूर्ण कदम से कंपनी की कुल सेल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़कर 1.35 गीगावाट (GW) हो जाएगी। यह भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम है, जिसे सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम और ALMM जैसी नीतियों का सहारा मिल रहा है।
जानकारों का अनुमान है कि 2027 तक भारत में सोलर प्रोडक्शन के क्षेत्र में Topcon टेक्नोलॉजी का दबदबा होगा, जो मॉड्यूल कैपेसिटी का 58% से ज्यादा और सेल कैपेसिटी का 64% से अधिक हिस्से पर कब्जा कर लेगा। Websol Energy की सेल कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 90% से ऊपर बनी हुई है, जो मजबूत मांग और कुशल संचालन को दर्शाता है।
चुनौतियां और आगे का रास्ता
फिलहाल, कंपनी का P/E रेश्यो करीब 21.25 है और मार्केट कैप लगभग ₹5,053 करोड़ है। हालांकि, कंपनी के पिछले प्रदर्शन में कुछ उतार-चढ़ाव रहे हैं। कंपनी का तीन साल का औसत ROE -3.19% और पांच साल का औसत EBITDA मार्जिन -4.89% रहा है। इसके अलावा, प्रमोटर की 89.39% हिस्सेदारी गिरवी (Pledged) होना भी एक चिंता का विषय है।
अपने बढ़े हुए कैपेसिटी और Topcon टेक्नोलॉजी को अपनाने के साथ, Websol Energy भारत के महत्वाकांक्षी रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों और सरकारी नीतियों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में दिख रही है। मजबूत ऑर्डर बुक और उच्च कैपेसिटी यूटिलाइजेशन आने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए ठोस आधार प्रदान करते हैं। शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन FY26 के लिए प्रस्तावित फाइनल डिविडेंड कंपनी के मैनेजमेंट के आत्मविश्वास को दर्शाता है।
