मार्जिन सिकुड़न का असर
Waaree Energies ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 111.80% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹8,480.25 करोड़ तक पहुंच गया। नेट प्रॉफिट में भी 71.44% का इजाफा देखा गया, जो ₹1,061.1 करोड़ रहा।
लेकिन, सबसे बड़ी चिंता का सबब बने ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन, जो पिछले साल की 23.04% की तुलना में घटकर 18.59% रह गए। मार्जिन में इस भारी गिरावट के कारण शेयर बाजार में स्टॉक लगभग 10% गिरकर ₹3,203.10 के स्तर पर आ गया, जबकि पिछले दिन यह ₹3,502.90 पर बंद हुआ था।
सेमीकंडक्टर में एंट्री और ₹10,000 करोड़ की फंडरेज़िंग
इस बीच, Waaree Energies ने सेमीकंडक्टर (Semiconductor) मार्केट में कदम रखने का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹1 लाख में Waaree Semicon Private Limited को एक्वायर करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹10,000 करोड़ तक की रकम जुटाने के लिए Qualified Institutional Placement (QIP) को भी मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने विस्तार, सेमीकंडक्टर वेंचर्स और मौजूदा बिजनेस को मजबूत करने में करेगी। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए ₹7,000 करोड़ से ₹7,700 करोड़ के EBITDA का अनुमान लगाया है।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
Waaree Energies पर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। Nomura ने 'buy' रेटिंग और ₹3,750 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, हालांकि उन्होंने मार्जिन में आई गिरावट को लेकर चिंता जताई है। दूसरी ओर, Jefferies ने अप्रैल 2025 में स्टॉक को 'underperform' रेटिंग देकर ₹2,100 का टारगेट दिया था। वहीं, Nuvama Institutional Equities ने ₹3,622 के टारगेट के साथ 'buy' रेटिंग दी है। कंपनी के भविष्य की योजनाओं और मैनेजमेंट के गाइडेंस पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी।
