नतीजों का पूरा पोस्टमार्टम
कैसे रहे आंकड़े?
Waaree Energies ने इस तिमाही में अपनी आय (Revenue) को दोगुना से भी ज्यादा कर दिया है। Q3 FY26 में यह ₹7,565.05 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 118.81% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA 167.16% बढ़कर ₹1,928.15 करोड़ दर्ज किया गया। EBITDA मार्जिन 25% को पार कर गया, जो कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस को दिखाता है।
अगर नेट प्रॉफिट (PAT) की बात करें, तो यह भी 118.4% बढ़कर ₹1,106.79 करोड़ पर पहुंच गया। 9 महीनों (9M FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो रेवेन्यू ₹18,000 करोड़ के पार निकल गया और EBITDA करीब ₹4,332 करोड़ रहा, जिसमें मार्जिन ~24% थे। 9 महीनों में PAT ₹2,757.89 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी का फोकस और निवेश
Waaree Energies अब पूरी तरह से इंटीग्रेटेड सोलर वैल्यू चेन 'Waaree 2.0' की ओर बढ़ रही है। कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में बड़ा निवेश कर रही है। ट्रांसफार्मर कैपेसिटी बढ़ाने के लिए करीब ₹192 करोड़ और ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर फैसिलिटी के लिए ₹676 करोड़ का Capex प्लान किया गया है।
मैनेजमेंट का भरोसा और आगे की राह
कंपनी का मैनेजमेंट फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए EBITDA गाइडेंस ₹5,500 से ₹6,000 करोड़ से ऊपर रहने का भरोसा जता रहा है। मार्जिन में स्थिरता के पीछे ऑपरेशनल लीवरेज, डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) का बढ़ता शेयर और डायनामिक प्राइसिंग स्ट्रेटेजी को वजह बताया जा रहा है। चांदी जैसी कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर बहुत कम (<9% मॉड्यूल बेसिस पर) है और इसे दूसरी एफिशिएंसी से पूरा किया जा रहा है।
जोखिम और चुनौतियां
हालांकि, कंपनी ने अमेरिकी जांच (US investigation) से जुड़े एक मामले में लगभग ₹294 करोड़ का प्रोविजन किया है, जिसे मैनेजमेंट ने कानूनी सलाह के आधार पर एक एहतियाती कदम बताया है। इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में कुछ देरी हो रही है। सेल कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 80% है, जिसे अपग्रेड के बाद 85-90% तक ले जाने की योजना है।
भविष्य की उम्मीदें
सब कुछ ठीक रहा तो Waaree Energies का भविष्य काफी उज्ज्वल दिख रहा है। ₹60,000 करोड़ का भारी-भरकम ऑर्डर बुक और 100 GW से अधिक का पाइपलाइन अगले कुछ सालों के लिए कंपनी के रेवेन्यू की मजबूत विजिबिलिटी दे रहा है। ओमान से नॉन-चाइनीज पॉलीसिलिकॉन सप्लाई सुरक्षित करना और एनर्जी ट्रांजिशन इकोसिस्टम में अपने विस्तार के साथ, कंपनी ग्रोथ के लिए तैयार दिख रही है।