Waaree Energies Q1 Profit में **14%** का उछाल, ₹850 करोड़ के पार पहुंचा मुनाफा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Waaree Energies Q1 Profit में **14%** का उछाल, ₹850 करोड़ के पार पहुंचा मुनाफा

Waaree Energies के लिए जून तिमाही शानदार रही। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर अपने नेट प्रॉफिट में **14%** का इजाफा दर्ज किया, जो ₹850 करोड़ रहा। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण रेवेन्यू में **79%** की जबरदस्त उछाल है। नतीजों में एक बार की (one-time) US ड्यूटी रिफंड से मिली रकम भी शामिल है।

कैसे हुई इतनी बड़ी बढ़ोतरी?

Waaree Energies Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹850 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 14.09% ज्यादा है। इसके पीछे कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाले रेवेन्यू में भारी बढ़ोतरी रही, जो बढ़कर ₹7,932 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा ₹4,426 करोड़ था।

US ड्यूटी रिफंड का असर

इस तिमाही के नतीजों में एक खास बात US ड्यूटी रिफंड से मिली आय है। कंपनी को US सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद ₹349.18 करोड़ का रिफंड मिला, जिसे 'other operating revenue' के तौर पर दर्ज किया गया है। इसके अलावा, कंपनी ने एसेट्स और इन्वेंट्री की लागत में ₹25.13 करोड़ की कमी भी दर्ज की है। इन एडजस्टमेंट्स ने तिमाही के वित्तीय आंकड़ों को और मजबूत किया है।

प्रॉफिट मार्जिन पर निवेशकों की नज़र

हालांकि, कंपनी के कुल मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन निवेशकों को प्रॉफिट मार्जिन पर भी ध्यान देना होगा। इस तिमाही में EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) ₹1,440 करोड़ रहा, जो पिछले क्वार्टर से 44.4% ज्यादा है। लेकिन, EBITDA मार्जिन पिछले क्वार्टर के 22.5% से घटकर 18.2% हो गया है। यह दिखाता है कि बिक्री तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन लागत और प्राइसिंग की वजह से मार्जिन पर थोड़ा दबाव है, जिस पर निवेशकों को आगे नजर रखनी चाहिए।

आगे क्या?

इन नतीजों के बाद, BSE पर Waaree Energies के शेयर 1.59% बढ़कर ₹2,738.00 पर बंद हुए। कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में है, जहां सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा करना एक अहम फोकस है। जैसे-जैसे कंपनी अपनी क्षमता बढ़ा रही है, निवेशकों के लिए मुख्य चीजें होंगी: कैपेसिटी यूटिलाइजेशन की रफ्तार, सोलर मार्केट की कॉम्पिटिशन के बावजूद प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता, और नए प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी डेट का मैनेजमेंट। आने वाली तिमाही के नतीजे यह तय करने में मदद करेंगे कि क्या रेवेन्यू ग्रोथ की यह रफ्तार बनी रहेगी और प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव कम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.