एमके ग्लोबल की 'बाय' रेटिंग और ₹4,260 का टारगेट
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने Waaree Energies को कवर करना शुरू कर दिया है और 'Buy' रेटिंग के साथ ₹4,260 का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह मौजूदा स्तरों से करीब 32% के उछाल का संकेत देता है। एमके ग्लोबल कंपनी के बड़े स्केल, डी-रिस्क्ड ग्लोबल सप्लाई चेन और अनुकूल पॉलिसी को इसके पीछे की मुख्य वजह बता रहा है। Waaree Energies का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹92,000 करोड़ है और इसका P/E रेश्यो 24 से 28 के बीच बना हुआ है।
बैकवर्ड इंटीग्रेशन और विस्तार की रणनीति
Waaree Energies रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए आक्रामक बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर जोर दे रही है। कंपनी सोलर मॉड्यूल और सेल से आगे बढ़कर इनगॉट-वेफर्स, सोलर ग्लास और पॉलीसिलिकॉन जैसे अहम अपस्ट्रीम कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं बढ़ा रही है। यह वर्टिकल इंटीग्रेशन सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने, मार्जिन बढ़ाने और लागत को प्रतिस्पर्धी बनाने का लक्ष्य रखता है।
साथ ही, Waaree एक फुल रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित हो रही है। इसकी पेशकशों में अब इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सर्विसेज, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS), इनवर्टर और ग्रीन हाइड्रोजन सॉल्यूशंस शामिल हैं। कंपनी 2027 के अंत तक अमेरिका में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 4.2 GW तक बढ़ाने की योजना बना रही है।
भारत की रिन्यूएबल एनर्जी ग्रोथ का फायदा
Waaree का विस्तार भारत के क्लीन एनर्जी की ओर बड़े कदम से जुड़ा है। देश 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रख रहा है, जिसे प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी मजबूत सरकारी नीतियों का समर्थन प्राप्त है। विश्लेषकों को उम्मीद है कि कंपनी के रेवेन्यू, EBITDA और प्रॉफिट में FY28 तक 20% से अधिक का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिल सकता है। Waaree का लक्ष्य FY31 तक ₹1 लाख करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है, जिसके लिए अगले 2-3 वर्षों में करीब ₹30,000 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर की योजना है।
नियर-टर्म चुनौतियां और स्टॉक पर असर
अपनी रणनीतिक विस्तार योजनाओं और विश्लेषकों के सकारात्मक रुख के बावजूद, Waaree Energies को कुछ नियर-टर्म चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले एक महीने में स्टॉक में 4.5% की गिरावट आई है और पिछले पांच सत्रों में यह सपाट रहा है, हालांकि पिछले एक साल में 18% की बढ़त दर्ज की गई है। कंपनी के Q4 FY26 के नतीजों के बाद भी यह स्थिति दिखी, जिसमें रेवेन्यू 111.8% बढ़ा और नेट प्रॉफिट 74.76% चढ़ा था।
Q4 FY26 में, Waaree ने सिल्वर और कॉपर जैसी कमोडिटीज की बढ़ती लागत के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स खर्चों के कारण मार्जिन में कुछ दबाव देखा। मैनेजमेंट इन मुद्दों को अस्थायी मान रहा है, लेकिन यह वैश्विक सप्लाई चेन की अस्थिरता के प्रति मैन्युफैक्चरर्स की संवेदनशीलता को उजागर करता है। बैकवर्ड इंटीग्रेशन के लिए भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए निरंतर फंडिंग की आवश्यकता होगी, जिससे वित्तीय लीवरेज बढ़ सकता है। साथ ही, ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में प्रतिस्पर्धा भी काफी तीव्र है।
लंबी अवधि का आउटलुक
Waaree Energies का रोडमैप इसे एक सोलर मॉड्यूल मेकर से एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी प्लेटफॉर्म में बदलने का है। कंपनी को उम्मीद है कि यह विविधीकरण और गहरा इंटीग्रेशन इसके बाजार पहुंच को काफी बढ़ाएगा। विश्लेषकों का औसत टारगेट प्राइस करीब ₹3,941 है, जो लगभग 22% के अपसाइड का इशारा करता है। FY26 से FY28 तक रेवेन्यू, EBITDA और PAT में 17-22% के CAGR का अनुमान लगाया जा रहा है।
