Tuticorin स्थित VO Chidambaranar Port Authority ने रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई चेन में अपनी अहमियत साबित कर दी है। अप्रैल से अगस्त **2026** के बीच पोर्ट ने **2,188** विंड टरबाइन ब्लेड्स हैंडल किए, जो पिछले साल के मुकाबले **75%** ज्यादा हैं।
बढ़ती रफ्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर
पोर्ट की कार्यक्षमता में यह इजाफा केवल ब्लेड्स तक सीमित नहीं है। इन पांच महीनों में यहां आने वाले जहाजों की संख्या भी 39 से बढ़कर 52 हो गई है। पोर्ट का डेटा बताता है कि विंड टरबाइन ब्लेड्स का वॉल्यूम लगातार बढ़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में 2,030 यूनिट्स, 2025 में 2,635 और फाइनेंशियल ईयर 2026 में यह आंकड़ा 4,922 तक पहुंच गया है।
इस भारी-भरकम इक्विपमेंट को संभालने के लिए पोर्ट अथॉरिटी ने स्टोरेज एरिया में बड़ा विस्तार किया है। कस्टम्स-नोटिफाइड जोन के भीतर 144,000 वर्ग मीटर और बाहर 100,000 वर्ग मीटर की अतिरिक्त जगह दी गई है, ताकि लॉजिस्टिक बाधाओं को कम किया जा सके।
रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई चेन पर प्रभाव
निवेशकों के लिए पोर्ट ऑपरेशंस की यह एफिशिएंसी काफी महत्वपूर्ण है। विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरर्स भारी कंपोनेंट्स की समय पर डिलीवरी पर निर्भर करते हैं, ताकि उनके प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो सकें। किसी भी तरह की देरी सीधे तौर पर प्रॉफिट मार्जिन पर चोट करती है।
हालांकि, चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। सेक्टर को सरकारी नीतियों में बदलाव और लॉजिस्टिक जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि क्या पोर्ट आने वाले समय में भी इस तेजी को बरकरार रख पाता है और कैसे यह रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए डिलीवरी टाइमलाइन को और बेहतर बनाता है।
