भारत के ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को मिलेगी ₹300 करोड़ की मदद, BII और CIP ने मिलाया हाथ

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
भारत के ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को मिलेगी ₹300 करोड़ की मदद, BII और CIP ने मिलाया हाथ
Overview

ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (BII) और कोपेनहेगन इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स (CIP) ने मिलकर ₹300 करोड़ का 'नॉर्थ स्टार' फंड लॉन्च किया है। यह फंड भारत में सोलर, विंड और हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश करेगा। इसका मकसद भारत की क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को तेज करना और फंडिंग की कमी को पूरा करना है। दोनों पार्टनर्स ने इसमें ₹150-₹150 करोड़ का योगदान दिया है।

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भारत का रिन्यूएबल सेक्टर बना इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट का बड़ा केंद्र

यूके की ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (BII) और डेनमार्क की कोपेनहेगन इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स (CIP) के बीच ₹300 करोड़ के संयुक्त वेंचर 'नॉर्थ स्टार' फंड से भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलने वाला है। यह फंड खास तौर पर सोलर, विंड और हाइब्रिड एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर फोकस करेगा, जिसमें एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस भी शामिल होंगे। इससे देश में फंडिंग की बड़ी कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी और क्लीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को गति मिलेगी, जो भारत के जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बेहद ज़रूरी है।

प्रोजेक्टेड असर और कार्बन उत्सर्जन में कमी

इस फंड के निवेश से सालाना 40 लाख मेगावाट-घंटे से ज़्यादा क्लीन एनर्जी पैदा होने का अनुमान है। इससे हर साल करीब 40 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जो भारत के राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप है। इस पहल में BII के एनर्जी इन्वेस्टमेंट के अनुभव और भारत में उसके काम करने के अनुभव का लाभ मिलेगा। BII के मैनेजिंग डायरेक्टर और एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर के हेड रोहित आनंद ने कहा कि इस फंड का गठन भारत की मजबूत रिन्यूएबल एनर्जी ग्रोथ, अनुकूल पॉलिसी माहौल और क्लीन पावर की डिलीवरी को तेज करने के लिए लक्षित पूंजी के महत्व को दर्शाता है।

ग्लोबल और लोकल एक्सपर्टाइज का संगम

यह पार्टनरशिप BII के डेवलपमेंट फाइनेंस के अनुभव को CIP की रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट में खास महारत के साथ जोड़ती है। CIP के ग्रोथ मार्केट्स फंड्स के पार्टनर पीटर जैनीक शिज्टोफ्ट (Peter Jannik Sjøntoft) ने भारत को रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट के लिए एक प्रमुख ग्लोबल मार्केट बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि BII के साथ यह सहयोग CIP के मौजूदा भारतीय निवेशों पर आधारित होगा, जिसमें लोकल मार्केट की गहरी समझ और इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट की कुशलता का मेल होगा, ताकि प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन को तेज किया जा सके और रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर बढ़ाया जा सके।

मार्केट का संदर्भ और अवसर

भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर ग्रोथ और फॉरेन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने वाली नीतियों के ज़रिए लगातार इंटरनेशनल अटेंशन आकर्षित कर रहा है। 2026 की शुरुआत तक, इस सेक्टर में क्षमता और पूंजी प्रवाह में लगातार वृद्धि देखी गई है। भारतीय रिन्यूएबल मार्केट के प्रमुख खिलाड़ियों में अदानी ग्रीन एनर्जी, रेनू पावर (ReNew Power) और टाटा पावर शामिल हैं, जो इंटरनल फंडिंग, डेट और पार्टनरशिप के ज़रिए विस्तार कर रहे हैं। नॉर्थ स्टार फंड का सोलर और विंड पर फोकस भारत के प्रमुख रिन्यूएबल स्रोतों के साथ मेल खाता है, जबकि एनर्जी स्टोरेज ग्रिड स्थिरता के लिए एक प्रमुख चुनौती का समाधान करता है, खासकर जब रिन्यूएबल एनर्जी का प्रवेश बढ़ रहा है। भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल एनर्जी क्षमता हासिल करना है, जिससे यह फंड मांग का फायदा उठाने और क्षेत्र में सक्रिय अन्य संस्थानों के लिए फाइनेंसिंग रणनीतियों को प्रभावित करने की स्थिति में होगा। स्थापित खिलाड़ियों के लिए भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों का औसत P/E रेश्यो 20-30x के बीच रहता है, जो ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स और डोमेस्टिक पॉलिसी से प्रभावित होता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.