Tata Power की सब्सिडियरी TP Solar ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में **2 GW** सोलर मॉड्यूल और **1.8 GW** सेल्स का उत्पादन कर एक अहम मील का पत्थर हासिल किया है।
उत्पादन में तेजी और तिरुनेलवेली प्लांट की भूमिका
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, TP Solar ने तमिलनाडु के तिरुनेलवेली स्थित अपने प्लांट में शानदार प्रदर्शन किया है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ही कंपनी ने 1 GW सोलर मॉड्यूल और 0.9 GW सेल्स का उत्पादन किया है। इस प्लांट में कुल ₹4,300 करोड़ का निवेश किया गया है और इसकी कुल क्षमता 4.3 GW है। कंपनी यहाँ TOPCon और Mono PERC जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जो सरकारी नियमों के तहत डोमेस्टिक कंटेंट की शर्तों को पूरा करने में मदद करती है।
कर्ज का दबाव और निवेशकों की चिंता
प्रोडक्शन में बढ़त एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन भारी निवेश के चलते निवेशकों की नजर कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर है। अक्टूबर 2026 तक टाटा पावर का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1.93 के आसपास रहा है। इस भारी विस्तार के बीच कंपनी की कर्ज चुकाने की क्षमता और मार्केट में कच्चे माल की कीमतों का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आगे का रास्ता और बोर्ड मीटिंग
टाटा पावर का स्टॉक हाल के दिनों में बाजार की अस्थिरता और सेक्टर के प्रति सतर्कता के चलते दबाव में नजर आया है। अब निवेशकों की नजर 11 नवंबर 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर है, जहाँ फाइनेंशियल नतीजों के साथ-साथ इस नई क्षमता का रेवेन्यू पर असर साफ हो पाएगा। एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि तिरुनेलवेली प्लांट में काम करने वाले कुल कर्मचारियों में करीब 80% महिलाएं हैं, जो औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। अब देखना यह होगा कि क्या कंपनी इस उत्पादन स्तर को बनाए रखकर अपने मुनाफे के मार्जिन को स्थिर रख पाती है या नहीं।
