Tata Power Renewable Energy ने कर्नाटक में अपना **300 MW** का नया सोलर पावर प्लांट शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी की कुल यूटिलिटी-स्केल रिन्यूएबल क्षमता बढ़कर **12 GW** के आंकड़े पर पहुंच गई है।
प्रोजेक्ट की ताकत
कंपनी की सब्सिडियरी, TP Saurya द्वारा विकसित यह प्लांट कर्नाटक के कोप्पल जिले में स्थित है। इस प्लांट से पैदा होने वाली बिजली Solar Energy Corporation of India (SECI) को दी जाएगी, जिससे कंपनी को लंबे समय तक फिक्स्ड रेवेन्यू मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
क्षमता का गणित
कंपनी के कुल 12 GW के पोर्टफोलियो में से 7.2 GW क्षमता अभी काम कर रही है, जिसमें 5.8 GW सोलर और 1.3 GW विंड एनर्जी शामिल है। बाकी का 4.9 GW अभी भी पाइपलाइन में है, जिसे जल्द पूरा करने की तैयारी है। नया प्लांट हर साल करीब 810 मिलियन यूनिट बिजली पैदा करेगा, जिससे 103,820 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने का लक्ष्य है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
रिन्यूएबल सेक्टर काफी ज्यादा कैपिटल-इंटेंसिव है, यानी इसमें भारी निवेश की जरूरत होती है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी अपनी बैलेंस शीट पर दबाव डाले बिना बाकी के 4.9 GW प्रोजेक्ट्स को कैसे पूरा करती है। इसके अलावा, रिसोर्स की उपलब्धता और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव जैसे बाहरी कारक भी कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकते हैं, जिन पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
